नेपाल में भारी बारिश से उत्तर बिहार के डूबने का डर, 50 साल बाद स्थिति हुई इतनी भयावह, कोसी बराज पर चढ़ा पानी

नेपाल में भारी बारिश से उत्तर बिहार के डूबने का डर, 50 साल बाद स्थिति हुई इतनी भयावह, कोसी बराज पर चढ़ा पानी

पटना: नेपाल में भारी बारिश और भुस्खलन से 59 लोगों की मौत हो गई है। लगातार हो रही बारिश से कोसी नदी उफान पर है। गंडर, कोसी, बागमती, महानंदा, गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। गंडक और कोसी बराज से 5 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। कोसी बराज पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है। गेट नंबर-21 क्षतिग्रस्त हो गया है। बराज के सभी गेटों को खोल दिया गया है और उत्तर बिहार को अलर्ट कर दिया गया है। नेपाल से संपर्क टूट गया है।

बाढ़ को लेकर बिहार के 13 जिलों में हाई अलर्ट कर दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार 50 साल बाद कोसी में इतना पानी आया है जो उत्तर बिहार के कई जिलों को डूबा सकता है। पूर्वी-पश्चिमी चंपारण, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, शिवहर, सीतामढ़ी, सुपौल, सिवान, मधेपुरा मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, मधुबनी के 20 प्रखंडों में 140 ग्राम पंचायतों के अंतगर्त लगभग 1.41 लाख जनसंख्या बाढ़ से अबतक प्रभावित हो चुकी है।

जानकार बताते है कि 2008 में जब कुशहा बांध टूटा था उस समय दो से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और उसी ने बांध को तोड़ दिया था। इस बार नेपाल में लगातार बारिश के बाद कोसी बराज से 5.5 लाख क्यूसेक से भी ज्यादा पानी छोड़ा जा चुका है और हालात बहुत ज्यादा गंभीर है।वहीं इसको लेकर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बिहार सरकार ने शनिवार को वाल्मिकीनगर और बीरपुर बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में उफनती कोसी, गंडक और गंगा नदियों में बाढ़ की चेतावनी जारी की है।गंगा में जलस्तर बढ़ने से झारखंड के साहिबगंज में भी जिला प्रशासन ने बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। जिले के उपायुक्त ने दियारा क्षेत्र का दौरा करने के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

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