Institute of Driving Training and Research की स्थापना के लिए परिवहन विभाग और TataMotors के बीच MoU,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा- कम से कम दुर्घटना हो यहीं लक्ष्य

Picture of Live Dainik

Live Dainik

July 28, 2026

Institute of Driving Training and Research और TataMotors के बीच MoU,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा- कम से कम दुर्घटना हो यहीं लक्ष्य

रांचीः मंगलवार को रांची के प्रोजेक्ट भवन में जमशेदपुर में स्थापित होने जा रहे Institute of Driving Training and Research (IDTR) परिवहन विभाग, झारखण्ड सरकार एवं TataMotors के बीच MoU हस्ताक्षरित समारोह हुआ।इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, परिवहन मंत्री दीपक बिरूवा के साथ साथ परिवहन विभाग के अधिकारी और टाटा मोटर्स के अधिकारी मौजूद थे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य में कम से कम सड़क दुर्घटना हो यही लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि आज एक लंबे समय से प्रतीक्षित विषय पर हम यहाँ एकत्र हुए हैं। परिवहन विभाग एवं Tata Motors के बीच इंस्टिट्यूट ऑफ़ ड्राइविंग, ट्रेनिंग एंड रिसर्च (IDTR), जमशेदपुर की स्थापना हेतु MoU हुआ है।
हमने परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया था कि राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस के जितने भी लंबित आवेदन हैं, उनका निष्पादन इस एमओयू से पहले ही पूरा कर लिया जाए। अक्सर यह देखा जाता है कि लोगों को लाइसेंस के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
छोटी गाड़ियों का लाइसेंस तो लोग बनवा लेते हैं, लेकिन बड़ी गाड़ियों के हैवी व्हीकल लाइसेंस के लिए आज भी हम काफी हद तक प्राइवेट संचालकों के भरोसे हैं। जाहिर है, कोई प्राइवेट संस्थान मुफ्त में तो लाइसेंस देगा नहीं, आम जनता को इसके लिए तरह-तरह के चक्कर काटने पड़ते हैं।
झारखंड जैसे राज्य में गरीब इस उम्मीद के साथ भी मेहनत करता है कि ट्रक, बस या खदानों में चलने वाली बड़ी मशीनों को खरीदकर या चलाकर अपना और अपने परिवार का गुजारा कर सके। लेकिन लाइसेंस न मिलने की वजह से वह इस अवसर से वंचित रह जाता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज हमारे राज्य में बड़े पैमाने पर खनन का काम चल रहा है, छोटे-बड़े उद्योग हैं, खाद्यान्न और कपड़ों का परिवहन हो रहा है, यहाँ तक कि बच्चों की किताबों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए भी लाखों की संख्या में भारी वाहनों का परिचालन हो रहा है। इन गाड़ियों को चलाने के लिए चालकों के पास मान्यता प्राप्त हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना बेहद जरूरी है।ड्राइविंग लाइसेंस सिर्फ गाड़ी चलाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण पहचान-पत्र भी है। आजकल सरकारी प्रक्रियाओं में पहचान और पते के प्रमाण के रूप में ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और आधार जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इसलिए यह आम नागरिक के जीवन से सीधा जुड़ा दस्तावेज है।आज हम यहाँ आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, जो एक बेहद सराहनीय पहल है।
पिछले दिनों मुझे विदेश यात्रा के दौरान Volvo कंपनी के ट्रेनिंग सेंटर जाने का अवसर मिला था। वहाँ मैंने देखा कि वे रोड सेफ्टी और ड्राइविंग ट्रेनिंग पर किस कदर रिसर्च करते हैं। वहाँ की सेंसर-बेस्ड गाड़ियों में अगर सामने कोई इंसान या जानवर भी आ जाए, तो अलार्म बजने लगता है और गाड़ियाँ अपने आप रुक जाती हैं। हमारे यहाँ स्थिति अलग है। यहाँ तो सड़कों पर हाथी भी आ जाए, तो गाड़ियाँ नहीं रुकतीं।इसलिए हमें आधुनिक तकनीक और सड़क सुरक्षा के इन मानकों को समझना होगा। आज जैसे-जैसे सड़कें बेहतर और चौड़ी हो रही हैं, दुर्भाग्य से हादसों और मौतों की रफ्तार भी उसी तेजी से बढ़ रही है। यह हम सभी के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।
मुझे पूरी उम्मीद है कि राज्य में चाहे छोटी गाड़ी चलाने वाले चालक हों या बड़ी गाड़ी चलाने वाले, उन सभी के लिए एक बेहतर समाधान निकल कर सामने आएगा।आज यहाँ जिस आधुनिक तकनीक से ट्रेनिंग दी जा रही है, सिम्युलेटर जैसी मशीनें लगाई जा रही हैं, जिस तरह विमान उड़ाने के लिए पायलटों को सिम्युलेटर पर ट्रेनिंग दी जाती है, ठीक उसी तर्ज़ पर यहाँ चालकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। निश्चित रूप से, भले ही इसमें थोड़ा समय लगा हो, लेकिन यह एक बहुत ही सराहनीय और दूरगामी पहल है।लेकिन विभाग से मेरी अपेक्षा है कि इस पहल की गति धीमी नहीं होनी चाहिए। इसमें और तेजी लाने की जरूरत है, क्योंकि सड़क सुरक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में हमें अभी बहुत काम करना बाकी है। जिन भी चालकों को लाइसेंस प्राप्त हो रहा है, उन सभी को मेरी ओर से बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएँ।
आप में से कई लोग सोच रहे होंगे कि अचानक ऐसा कौन-सा कार्यक्रम हो गया, जहाँ ड्राइविंग लाइसेंस लेने वालों को एक साथ बुलाया गया? दरअसल, मैं स्वयं ज़मीनी हक़ीकत को जानना चाहता था। जैसे जनता से हमारे पास शिकायतें आती हैं कि जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या मृत्यु प्रमाण पत्र बनने में देरी हो रही है, ठीक वैसे ही ड्राइविंग लाइसेंस बनने में आ रही अड़चनों की ख़बरें भी हमारे कानों तक पहुँचती हैं।
इसीलिए मैंने स्पष्ट निर्देश दिया था कि लाइसेंस के जितने भी लंबित आवेदन हैं, उनका निष्पादन आज के इस कार्यक्रम तक हर हाल में हो जाना चाहिए। आज मैं देख रहा हूँ कि अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं और काम आगे बढ़ा है।परिवहन विभाग देखने में भले ही छोटा लगता हो, लेकिन इसका काम और प्रभाव बहुत बड़ा है। मैं चाहता हूँ कि विभाग पूरी मुस्तैदी और ईमानदारी के साथ इस दिशा में काम जारी रखे।आप सभी की उपस्थिति के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। हमारी सरकार की सोच है कि आम जनता को और बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। आने वाले समय में हम और भी जनकल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के साथ आपके बीच आएँगे।

See also  रांची समेत पांच जिलों में फिर होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now