रांची : खूंटी में हुए मनरेगा घोटाला में प्रवर्तन निदेशालय ने दो एग्जीक्यूटिव इंजीनियर की चार अचल संपत्ति अस्थाई रूप से जब्त कर ली है। ईडी ने एग्जीक्यूटिव इंजीनियर जय किशोर चौधरी और शशि प्रकाश की 22.47 लाख मूल्य की चार अचल संपत्तियों को जब्त किया है। इस मामले में अब तक ये चौथी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई है।
Land Scam Case: ईडी ने जब्त किये कई बैंक अकाउंट, छापेमारी में बरामद 1 करोड़ 25 लाख रूपये जब्त
पूजा सिंघल के DC कार्यकाल में हुआ था घोटाला
खूंटी जिला में मनरेगा कार्य के दौरान हुए 18 करोड़ रूपये के गबन मामले में झारखंड पुलिस ने 16 एफआईआर दर्ज किया था। पुलिस की एफआईआर के आधार पर ही ईडी ने जांच शरू की थी। झारखंड पुलिस द्वारा दर्ज किये गए एक एफआईआर के आरोप पत्र में ईडी ने पाया कि मनरेगा घोटाला में हुए 18.06 के गबन में सहायक इंजीनियर आरके जैन, जिनका निधन हो चुका है, जूनियर इंजीनियर आरबीपी सिन्हा और दो कार्यकारी अभियंता ( executive engineers)जय कुमार चौधरी और शशि प्रकाश शामिल है। 6 मई 2022 को ईडी ने इन सभी इंजीनियरों के संबंधित ठिकानों और खूंटी की तत्कालीन डीसी और निलंबित IAS अधिकारी पूजा सिंघल के घर छापेमारी की थी, जिसमें भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ था। ईडी ने इसके बाद पूजा सिंघल को गिरफ्तार किया था। Pooja Singhal इस मामले में अभी भी जेल में है।