RANCHI: झारखंड की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की जांच जिस निजी एजेंसी तक पहुंची है, उसका इतिहास सिर्फ 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश में भी कई भर्ती परीक्षाओं से जुड़े गंभीर विवाद में कंपनी का नाम सामने आ चुका है। कंपनी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े गंभीर विवाद और पुलिसिया जांच के बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंचा था। हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणियों के बाद एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था। अब झारखंड में इसी कंपनी के निदेशक रामवीर सिंह समेत अन्य स्टाफ को भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं की जांच के दौरान सीआईडी ने गिरफ्तार किया है।
टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) की स्थापना उत्तर प्रदेश में 3 अगस्त 2010 को हुई थी। कंपनी का पंजीकृत कार्यालय लखनऊ में है, जिसका पता एफएफ- 67, आदर्श कॉम्प्लेक्स, इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहा, जानकीपुरम, लखनऊ, उत्तर प्रदेश–226021। यही कंपनी का पंजीकृत पता है। निदेशकों में राम बीर सिंह और सत्यपाल सिंह शामिल हैं। कॉरपोरेट डेटाबेस में एजेंसी के 210 स्टाफ बताए जाते हैं, जबकि लखनऊ में एजेंसी का ऑफिस दो कमरे में संचालित करने की बात सामने आ चुकी है, जहां स्टाफ की संख्या बेहद कम थी।
15 साल पहले यूपी में कंपनी की एंट्री
टीडीपीएल का गठन 3 अगस्त 2010 को हुआ। सीआईएन नंबर U72300UP2010PTC041566 है। यह गैर-सरकारी, गैर-सूचीबद्ध निजी कंपनी है और इसका पंजीकरण आरओसी कानपुर में है। कंपनी के मौजूदा निदेशकों के रूप में राम बीर सिंह और सत्यपाल सिंह के नाम दर्ज हैं। रिकॉर्ड में मोहम्मद तारिक भी पूर्व निदेशक के रूप में दिखाई देते हैं।






