गढ़वा:गरीब और बेघर परिवारों, विशेषकर पात्र विधवा महिलाओं को पक्का आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवास योजना गढ़वा जिले के रंका प्रखंड में गंभीर विवादों के घेरे में आ गई है। बिश्रामपुर ग्राम पंचायत से सामने आए मामले में आरोप है कि योजना के नियमों को दरकिनार कर ऐसे व्यक्ति के परिवार को लाभ दे दिया गया, जबकि उसका पति जीवित है। इस दावे ने लाभुक चयन प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रभावशाली और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों ने कथित रूप से सरकारी तंत्र का लाभ उठाकर योजना का फायदा हासिल कर लिया, जबकि वास्तविक जरूरतमंद और पात्र परिवार आज भी फूस और कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल अनियमितता नहीं बल्कि गरीबों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है। उनका कहना है कि लाभुक सूची, पात्रता और स्वीकृति प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि अपात्र लाभुकों की पहचान हो सके और वास्तविक पात्रों को उनका अधिकार मिल सके।


