रांचीः प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस का आतंकी फैजान अंसारी देश के युवाओं का धर्म परिवर्तन करा कर उन्हें आतंकी बनाने की मुहिम में जुटा हुआ था। वह खुशी नामक युवती का धर्म बदल कर उसे आतंकी बनाने के लिए सीरिया ले जाने जाने के फिराक में था। जहां खुशी को इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया में शामिल कराकर आतंकी बनाया जाता। इसका खुलासा एनआईए के समक्ष जांच के दौरान और कोर्ट में अपने बयान में केस के एक अहम गवाह तल्हा जरनैन ने किया है। इस मामले में एनआईए की चार्जशीट में बताया गया कि फैजान एक खुशी नामक लड़की के धर्म परिवर्तन की कोशिश में जुटा था। उसे आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठन से जोड़ना चाहता था। वह इससे पहले एक युवक को धर्म परिवर्तन करा कर आईएसआईएस से जोड़ चुका था।
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फैजान लोहरदगा जिले के मिल्लत कॉलोनी का रहने वाला है। रांची एनआईए की टीम ने फैजान अंसारी को 19 जुलाई 2023 को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के आधार पर राहुल सेन उर्फ उमर बहादुर की गिरफ्तारी हुई थी। दोनों के खिलाफ अनुसंधान पूरा कर एनआईए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जांच के दौरान दोनों पर सोशल मीडिया पर आतंकी संगठन आईएसआईएस का प्रचार-प्रसार करने, संगठन में नये लोगों की भर्ती करने, भारत में आतंकी हमले की योजना तैयार करने सहित अन्य आरोप मिले थे, गवाह तल्हा जरनैन ने एनआईए को दिये अपने बयान में बताया कि वह 2023 में अलीगढ़ में रहता था और डिजिटल मार्केटिंग का काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात फैजान अंसारी से हुई थी। तब फैजान अलीगढ में लॉज में रहता था। जब फैजान के लॉज में कुछ कंस्ट्रक्शन के काम होने लगे, तब उसने जरनैन से अपना कमरा शेयर करने का अनुरोध किया और उसके कमरे में शिफ्ट हो गया था। साथ में रहने के दौरान फैजान ने तल्हा जरनैन को भी आईएसआईएस से जुड़ने के लिए कहा था। यह कहते हुए कि इससे जुड़ने से पैसे मिलेंगे और जन्नत भी मिलेगी। फैजान आतंकी गतिविधियों में शामिल होने और सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ में आने से बचने के लिए वीपीएन नंबर और टोर ब्राउजर का इस्तेमाल करता था। फैजान अपने कमरे में आईएसआईएस का झंडे का भी इस्तेमाल करता था। वह आतंकी बनने के लिए तल्हा जरनैन का ब्रेनवॉश करता था। तल्हा जरनैन के बयान के अनुसार, फैजान अंसारी अपने इंस्टाग्राम आईडी पर एक खुशी नामक युवती को दिखाकर बताता था कि वह युवती को इस्लाम धर्म कबूल करने की कोशिश में जुटा है, ताकि वह उसे आईएसआईएस से जोड़कर सीरिया ले जाये। तल्हा जरनैन के अनुसार, उसे फैजान ने बताया था कि वह उमर बहादुर नामक व्यक्ति को भी अपने प्रभाव में लाकर आईएसआईएस से जोड़ चुका है। उमर का नाम पहले राहुल सेन था।
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एनआईए ने जांच में पाया था कि अपनी आरंभिक अवस्था में फैजान अंसारी पाकिस्तान के शल्फी मदनी की वीडियो देखा करता था। यहां उसे टेलीग्राम के लिंक मिले थे। जिसमें ज्वाइन करने के बाद अपनी दिलचस्पी से वूल्फ नामक एक टेलीग्राम चैनल का ग्रुप एडमिन बना। वह अपने मोबाइल नंबर से फैजअक्स नामक इंस्टाग्राम आईडी चलाता था। इसके बाद फैजान ने एक पैन नामक से टेलीग्राम ग्रुप तैयार किया और इसके माध्यम से आतंकी संगठन आईएसआईएस के बारे में प्रचार-प्रसार करने लगा। एनआईए की रिपोर्ट के अनुसार, फैजान अंसारी पाकिस्तान के एक आईएसआईएस समर्थक के संपर्क में था। पाकिस्तानी समर्थक का आईडी अब्दुल्ला के नाम से था।
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एनआईए कोर्ट ने कथित आतंकी गतिविधियों में लिप्त फैजान अंसारी के नाबालिग होने की याचिका खारिज कर दी है। फैजान अंसारी ने अपने वकील के माध्यम से याचिका दायर कर बताया था कि उसकी जन्मतिथि 10 जुलाई 2004 की है। केस में जिन अपराधों का उल्लेख आरोप-पत्र में किया गया है, वह 2021 के अंत से 2022 की शुरूआत के बीच के थे। तब उसकी उम्र 18 साल से कम थी। इससे संबंधित जन्म और शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी दिये गये थे। लेकिन तल्हा जरनैन के बयान और कोर्ट में पेश एनआईए की चार्जशीट के आधार पर कोर्ट ने पाया कि अभियुक्त को किशोर न्याय अधिनियम के तहत कोई राहत नहीं मिल सकती है।




