झारखंड में रिश्वतखोरी की हद! कब्रिस्तान की दीवार के लिए 50 हज़ार की घूस, ACB ने दबोचा

लोहरदगा में ACB की बड़ी कार्रवाई, जिला कल्याण विभाग में की छापेमारी, रिश्वत लेते कर्मी हुआ गिरफ्तार

लोहरदगाः चेहरे पर ना कोई तनाव ना पछतावा, एसीबी की गिरफ्त में राजेंद्र उरांव ने वो काम किया है जिसे करने से पहले भ्रष्ट से भ्रष्ट सरकारी कर्मचारी सौ बार सोचता । ना धरती के क़ानून का डर और ना उपरवाले का खौफ । राजेंद्र उराँव ने उस दीवार के निर्माण के लिए रिश्वत ले लिया जिस चाहरदीवारी की मिट्टी में एक दिन सबको मिल जाना है । जी हां झारखंड सरकार की एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एससीबी ने राजेंद्र उराँव को पचास हज़ार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ धर दबोचा ।

कब्रिस्तान की दीवार के लिए रिश्वत

सरकारी ओहदे के मुताबकि राजेंद्र उराँव प्रभारी प्रधान सहायक सह नाजिर के तौर पर जाने जाते हैं लेकिन एससीबी के गिरफ्त में आने के बाद इनकी हैसियत क्या से क्या हो गई ये कैमरे में क़ैद हैं । जिस चाहरदीवारी के निर्माण के लिए लोग चंदा करते हैं, मदद मांगते हैं, जहां आत्माएं सोतीं हैं उस कब्रिस्तान की चाहरदीवारी के लिए राजेंद्र उराँव ने एक दो नहीं बल्कि पचास हज़ार रुपए की रिश्वत ले ली । अब पकड़े गए हैं ।

50 हज़ार रुपए रिश्वत ली

लोहरदगा में  एसीबी ने आईटीडीए के कर्मी को 50000 रिश्वत लेते किया गिरफ्तार किया है । माँग तो रहे थे सत्तर हज़ार लेकिन मिले पचास हज़ार । लोहरदगा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो रांची की टीम ने (एसीबी) गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए समेकित जनजातीय विकास अभिकरण (आईटीडीए) के प्रभारी प्रधान सहायक सह नाजिर राजेंद्र उरांव को ₹50000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने यह कार्रवाई किस्को प्रखंड के चरहु गांव मे 24.98 लाख से अल्पसंख्यक मुस्लिम कब्रिस्तान घेराबंदी में आठ प्रतिशत रिश्वत मांगने की शिकायत पर की है।

राजेंद्र उराँव को एसीबी ले गई रांची

एसीबी राजेंद्र उरांव को गिरफ्तार कर अपने साथ रांची लेकर चली गई। इससे पहले एसीबी की टीम ने कार्यालय समेकित जनजातीय विकास अभिकरण से राजेंद्र उरांव को गिरफ्तार करने के बाद उसे लेकर सरकारी क्वार्टर पहुंचकर आवास की जांच-पड़ताल भी की। बताया जाता है कि किस्को प्रखंड के चरहु गांव निवासी तौहिद खान के बेटे इमरान खान ने एसीबी को आवेदन देकर 24.98 लाख से सिमेट्री की घेराबंदी में आईटीडीए के प्रभारी प्रधान सहायक सह नाजिर राजेंद्र उरांव द्वारा आठ प्रतिशत रिश्वत के रूप में ₹70000 मांगने का आरोप लगाया था। जिसपर एसीबी की टीम ने इसकी गहनता से जांच करने के बाद आरोप को सही पाया और फिर इसपर कार्रवाई करते हुए गुरुवार को रिश्वत के ₹50000 रुपया लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

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