लोहरदगा:उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने आज समाहरणालय सभाकक्ष में जिला में संचालित अकिल एड़पा कार्यक्रम से जुड़े 55 उच्च विद्यालयों/प्लस टू विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर कार्यक्रम की प्रगति एवं शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की।


बैठक में उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा “अकिल एड़पा” कार्यक्रम का उद्देश्य लोहरदगा जिले के छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराते हुए मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा में शत-प्रतिशत परिणाम सुनिश्चित करना है। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय के लिए जिला स्तर के पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो विद्यालयों में जाकर पढ़ाने के साथ-साथ शैक्षणिक गतिविधियों का आकलन कर आवश्यक मार्गदर्शन भी दे रहे हैं। साथ ही उत्कृष्ट शिक्षकों का पैनल तैयार कर ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन भी किया जा रहा है।

विद्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें
उपायुक्त ने सभी प्रधानाध्यापकों को विद्यालयों में शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक माह विद्यालय में पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग आयोजित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में विद्यालय के लिए टैग किए गए जिला स्तरीय पदाधिकारी की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने को कहा गया।

समय से पाठ्यक्रम पूरा कर आयोजित करें टेस्ट
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विषयों का पाठ्यक्रम निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कराया जाए। प्रत्येक माह विद्यालय में दो बार टेस्ट आयोजित किया जाए तथा टेस्ट का परिणाम अधिकतम 10 दिनों के भीतर जारी किया जाए।
जिला स्तर से ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाए जाने वाले विषयों की जानकारी विद्यार्थियों को पूर्व में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि कोई भी विद्यार्थी इन कक्षाओं से वंचित न रहे। आवश्यकता वाले विषयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण नोट्स उपलब्ध कराने तथा नियमित रूप से लिखने का अभ्यास कराने पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि अकिल एड़पा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर एवं परीक्षा परिणाम में गुणात्मक सुधार लाना है। इसके लिए विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक एवं विद्यार्थी समन्वय के साथ कार्य करें।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षक होंगे सम्मानित
उपायुक्त ने कहा कि जिन विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक प्रदर्शन एवं परीक्षा परिणाम में उल्लेखनीय गुणात्मक सुधार होगा, उन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों को जिला स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए स्पष्ट इंडिकेटर्स निर्धारित करने का निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी को दिया गया।

बैठक में उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम, पीडी आइटीडीए सुषमा नीलम सोरेंग, जिला शिक्षा पदाधिकारी दास सुनंदा चंद्रमौलेश्वर, अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी सीमा लकड़ा, एडीपीओ, एपीओ सहित संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/प्रधानाध्यापिकाएं उपस्थित थीं।






