डेस्कः लातेहार में नेतरहाट जाने के रास्ते में भूस्खलन की खबरें आई है। सड़क किनारे घाटियों में हो रहे भूस्खलन से राहगीरों में दहशत का माहौल है। ताजा घटना लातेहार जिला मुख्यालय को सरयू, गारू, महुआडांड़ और नेतरहाट से जोड़ने वाली सड़क पर हुई। सरयू घाटी में भूस्खलन के कारण सड़क ध्वस्त हो गई है। हालांकि, मरम्मत का काम युद्धस्तर पर शुरू हो गया है।
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दरअसल, लातेहार जिले का एक बड़ा हिस्सा पठारी क्षेत्र माना जाता है। जिले के सरयू, गारू, महुआडांड़ और नेतरहाट समेत प्रखंड और थाना क्षेत्र पठारी क्षेत्र में स्थित हैं। इन इलाकों तक पहुंचने के लिए घाटियों को पार करना पड़ता है। सड़क के एक तरफ ऊंची पहाड़ियां और दूसरी तरफ गहरी घाटियां हैं। बरसात के मौसम में, जब भारी बारिश होती है, तो घाटियों से गुजरना खतरनाक हो जाता है। इस साल, भारी बारिश के कारण घाटियों में लगातार भूस्खलन हो रहा है। कुछ दिन पहले, लातेहार जिले की बारेसांड घाटी में भूस्खलन हुआ था,जिससे लगभग 8 से 10 घंटे तक यातायात बाधित रहा।
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सरयू पथ पर भूस्खलन से सड़क क्षतिग्रस्त
इस बीच, सरयू घाटी में भूस्खलन हुआ, जिससे लातेहार जिला मुख्यालय को सरयू प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने वाली एकमात्र सड़क अवरुद्ध हो गई।घाटी में एक जगह सड़क का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। हालांकि, छोटे वाहन सावधानी से चल रहे हैं।स्थानीय ग्रामीण मोहम्मद इमरान ने बताया कि घाटी में हुए भूस्खलन से लोगों में दहशत फैल गई है। उन्होंने कहा कि यह सड़क लातेहार जिले की सबसे महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है। जिला मुख्यालय से सरयू, गारू, महुआडांड़, नेतरहाट और छत्तीसगढ़ जाने का यह सबसे आसान रास्ता है। इस सड़क पर प्रतिदिन सैकड़ों वाहन चलते हैं। हालांकि, भूस्खलन से लोगों में दहशत फैल गई है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि जहां भी भूस्खलन की आशंका हो, वहां तुरंत मरम्मत और राहत कार्य शुरू किया जाए ताकि कोई बड़ी घटना न हो।
विभाग ने शुरू किया मरम्मत कार्य
सरयू घाटी में भूस्खलन के कारण सड़क धंसने की सूचना मिलने के बाद, लातेहार पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रभाकर सिंह के निर्देशन में मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया। कार्यपालक अभियंता प्रभाकर सिंह ने बताया कि गार्ड वाल काफी पुराने हो गए थे। भारी बारिश के कारण पानी के तेज बहाव के कारण गार्ड वाल के साथ सड़क का एक हिस्सा भी ढह गया। विभाग क्षतिग्रस्त हिस्सों की तुरंत मरम्मत करा रहा है। जल्द ही, विभाग नए सिरे से आकलन करेगा और आवश्यकतानुसार घाटियों में आवश्यक कार्य कराए जाएंगे।

