रांचीः मनातू स्थित केंद्रीय विवि, झारखंड( सीयूजे) में सोमवार की सुबह सड़क निर्माण कार्य शुरू करने पहुंचे जिला प्रशासन व पुलिस के साथ निर्माण कार्य का विरोध कर रहे रैयतों के बीच भिड़त हो गयी। पुलिस विरोध कर रहे लोगों को पकड़ कर थाने ले गयी। इनमें दो महिलाएं, सुनीता व एमेमी भी शामिल थीं। वीडियो बना रहे लोगों के मोबाइल फोन जब्त कर लिये गये। महिलाओं ने पुलिस पर पिटाई करने का आरोप लगाया। पकड़ कर थाने लाये गये लोगों को जबरन बैठाये रखने के विरोध में ग्रामीणों ने देर रात तक कांके थाना का घेराव किया।
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वहीं जिला प्रशासन व पथ निर्माण विभाग ने पुलिस के संरक्षण में देर रात तक सड़क निर्माण कार्य किया। सड़क निर्माण का विरोध कर रहे विस्थापित परिवारों का कहना है कि विवि व राज्य सरकार ने धोखे में रख कर उनकी जमीन ली है। मुआवजा भी नहीं मिला है। अधिकारी पुनर्वास नियमावली का उल्लंघन कर रहे हैं। रैयतों के साथ विवि व जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में कुछ शर्तो पर सहमति बनी थी, लेकिन उसका उल्लंघन किया गया। इससे पूर्व भी कांके सीओ दो बार जेसीबी लेकर सड़क निर्माण कराने पहुंचे थे, लेकिन विरोध के कारण लौटना पड़ा था।
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इस मामले पर कांके थाना प्रभारी प्रकाश कुमार रजक ने कहा कि हिरासत में ली गयी महिलाओं के साथ कोई मारपीट नहीं की गयी है। उनका आरोप निराधार है। सड़क निर्माण का कार्य पूरा होने तक दिन-रात उक्त स्थल पर पुलिस डटी रहेगी। ग्रामीण जबरन निर्माण कार्य को बाधित कर रहे है। वहीं कांके सीओ अमित भगत ने बताया कि जमीन अधिग्रहण की सारी कार्रवाई नियमानुसार पूरी की गयी है। ग्रामीणों का विरोध उचित नहीं है। जहां तक महिलाओं के साथ मारपीट व जबरन पुलिस पुरूष द्वारा जीप में बैठाने का आरोप लगाया गया है, तब तक वे वहां नहीं पहुंचे थे।


