झारखंड में कुरमी/कुड़मी समाज बड़े आंदोलन की तैयारी कर चुका है। कुरमी समाज को एसटी में सूचीबद्ध करने की मांग को लेकर शनिवार से अनिश्चितकालीन रेल रोको (टेका) आंदोलन का ऐलान किया गया है। इसको लेकर कुड़मी संगठनों और समुदाय ने तैयारी कर ली है। वहीं आंदोलन के ऐलान के बाद रेल प्रशासन भी सतर्क है। आइए जानते हैं कुरमी समाज के लोगों का आज को लेकर प्लान क्या है।
कुड़मी विकास मोर्चा के ओमप्रकाश महतो ने बताया कि रेल टेका आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने के लिए झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 100 स्टेशनों पर रेल परिचालन पूरी तरह से ठप कराया जाएगा। इसके लिए ग्राम स्तर पर प्रचार-प्रसार और जनसंपर्क अभियान चलाया गया है। उन्होंने बताया कि रांची जिले में भी मुख्य रूप से मुरी रेलवे स्टेशन, राय रेलवे स्टेशन, टाटीसिलवे रेलवे स्टेशन, मेसरा रेलवे स्टेशन को बाधित किया जाएगा। इसके बाद अपनी मांगों को मंगवाने के लिए सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की जाएगी।
प्रशांत किशोर का आरोप- 2 साल में अशोक चौधरी ने कमाए 200 करोड़, शांभवी के पति और सास को भी लपेटा
बता दें कि रेल प्रशासन ने परिचालन के समय, मार्ग डायवर्ट करने समेत कोई अधिकारिक सूचना जारी नहीं की है, पर अनधिकृत सूचना के अनुसार, आंदोलन के मद्देनजर रेल यात्रियों से अत्यंत आवश्यक न होने पर यात्रा से बचने की अपील की है। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है।
आंदोलन को लेकर रेल प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। यह अलर्ट दक्षिण-पूर्व रेलवे के रांची रेलमंडल ने जारी किया है। मंडल के आरपीएफ कमांडेंट पवन कुमार ने बताया कि रेलवे क्षेत्रों में भारी संख्या में आरपीएफ बल, जीआरपी और राज्य पुलिस बल की तैनाती की गई है। उन्होंने बताया कि रेल परिचालन बाधित करने व रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर गिरफ्तारी के साथ-साथ संगठनों से क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी। जमशेदपुर से मिली जानकारी के अनुसार, सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से आंदोलन पर नजर रखी जाएगी।
चुनाव आयोग का एक्शनः झारखंड की 7 पार्टियों सहित 474 राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन खत्म




