गुमलाः करैत के काटने से तीन लोगों की मौत की खबर से जिले में दहशत है । बरसात के मौसम में झारखंड के ग्रामीण इलाकों के लिए सर्पदंश खबरें आम हो जाती है । हर साल सैकड़ों लोगों की मौत सांप के काटने से होती है । कई बार सही वक्त पर इलाज और अंधविश्वास की वजह से भी जान चली जाती है ।
कॉमन करैत ने तीन को डंसा
गुमला के पालकोट प्रखंड के लोटवा पंचायत स्थित डुगडुगी गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत सांप कांटने से हो गई। रविवार की देर रात हो गई।जानकारी के अनुसार डुगडुगी गांव निवासी राजेश किसान, पत्नी सुनीता देवी, भाई मनोज किसान रविवार रात्रि अपने घर मे जमीन में ही सोए हुए थे।लगभग 12 बजे करैत सांप बारी बारी से तीनों को डस लिया । काटने के बाद तीनों घायल ने मिलकर सांप को मारा और फेंक दिया इसके बाद सभी सो गए। सुबह होने तक तीनों में सांप का जहर फैल गया और हालत बिगड़ने लगी और अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई ।
कॉमन करैत के काटने के लक्षण
गुमला के पालकोट में रहने वाले राजेश उनकी पत्नी सुनीता और भाई मनोज को कॉमन करैत ने काटा था । यह करैत दूसरे करैत से अलग है ।कॉमन करैत निशाचर है, इसलिए शायद ही दिन के समय में मनुष्यों के साथ सामना होता है और काटने की घटनाएं मुख्य रूप से रात में होती हैं। अक्सर, इसके काटने से थोड़ा या कोई दर्द नहीं होता है, जो पीड़ित को झूठी सांत्वना दे सकता है। आमतौर पर, पीड़ित गंभीर पेट दर्द की शिकायत करते हैं, जो धीरे-धीरे लकवे में बदल जाता है । अगर 4-8 घंटे तक इलाज नहीं हुआ तो मौत तय है ।
कॉमन करैत का जहर ऐसे करता है काम
कॉमन करैत के काटने से मृत्यु का कारण सामान्य श्वसन विफलता, यानी दम घुटना होता है। काटने के कुछ लक्षणों में काटने के 1-2 घंटे के भीतर चेहरे की मांसपेशियों का कसना और पीड़ित का देख या बोल न पाना शामिल है, और यदि इलाज नहीं किया जाता है, तो रोगी श्वसन लकवे से 4-5 घंटे के भीतर मर सकता है। आकंड़ों के मुताबिक कॉमन करैत से मृत्यु दर 70-80% है।
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