रांची: जेपीएससी मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही सीआईडी ने मंगलवार की देर रात तीन दलालों (सोर्स एजेंट) को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दलालों में उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत व रमेश कुमार शामिल हैं।ये एजेंट अभ्यर्थियों से संपर्क करते थे, उनके डॉक्यूमेंट लेते थे, उनसे पैसा वसूलते थे और अपने नेटवर्क से परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) तक पहुंचाते थे।इन दलालों का टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह व मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी से बेहतर संबंध था। टीडीपीएल के पदाधिकारियों से रिमांड पर पूछताछ के क्रम में ही इन दलालों के बारे में सीआईडी को जानकारी मिली।

इसके बाद सीआईडी ने इंटर स्टेट लिंकेज के माध्यम से इन्हें रांची से ही गिरफ्तार किया है। इनके पास से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रानिक साक्ष्य मिले हैं, जिसमें इनके अभ्यर्थियों की परीक्षा में सेटिंग कराने से लेकर सेटिंग करने तक के सबूत शामिल हैं।इन आरोपितों के पास से भारी मात्रा में जेपीएससी की परीक्षाओं में अनियमितता से संबंधित दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इनके ठिकानों पर छापेमारी के दौरान अभ्यर्थियों के मार्क्सशीट, ओएमआर शीट्स, शैक्षणिक प्रमाण पत्र आदि भी मिले थे।तीन दलालों की गिरफ्तारी के साथ ही जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में जांच के क्रम में सीआईडी ने अब तक 14 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।गौरतलब है कि सीआईडी ने 22 जुलाई को सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद से ही सीआईडी को छानबीन में लगातार नई जानकारियां व इससे संबंधित साक्ष्य मिलते जा रहे हैं।
इस प्रकरण में इससे पूर्व ये 11 आरोपित हो चुके हैं गिरफ्तार
जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, दोनों तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान व एबाद को गिरफ्तार किया गया।इसके अलावा तीन अन्य कर्मी हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह व संजय कुमार, जेपीएससी का कर्मचारी सोनू कुमार व परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के मार्केटिंग मैनेजर सह मुख्य अभियुक्त मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय तिवारी का सहयोगी अरविंद कुमार के अलावा 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गलत तरीके से चयनित एक अभ्यर्थी सुमन सौरभ।





