झारखंड का मोस्ट वांटेड नक्सली 20 लाख का इनामी रविन्द्र गंझू गिरफ्तार,154 खूनी वारदातों का मास्टरमाइंड AK-56 के साथ दबोचा गया

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July 14, 2026

झारखंड का मोस्ट वांटेड नक्सली 20 लाख का इनामी रविन्द्र गंझू गिरफ्तार, 154 खूनी वारदातों का मास्टरमाइंड AK-56 के साथ दबोचा गया

डेस्कः लातेहार पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा 209 बटालियन ने संयुक्त अभियान चलाकर 20 लाख रुपए के इनामी नक्सली रविंद्र गंझू को गिरफ्तार किया है। लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि लातेहार पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाकर 20 लाख रुपये के इनामी हार्डकोर माओवादी रविन्द्र गंझू को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए इस ज्वाइंट ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने सुनियोजित तरीके से घेराबंदी कर उसे हथियारों और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार किया गया है।
वर्षों तक झारखंड के जंगलों में खौफ का पर्याय बना, सुरक्षा बलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती माने जाने वाले प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के रीजनल कमांडर रविन्द्र गंझू उर्फ मुकेश गंझू उर्फ सुरेन्द्र गंझू को आखिरकार लातेहार पुलिस सीआरपीएफ ओर कोबरा के ज्वाइंट ऑपरेशन में गिरफ्तार किया गया है। 20 लाख रुपये के इनामी इस हार्डकोर माओवादी की गिरफ्तारी को झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ हाल के वर्षों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में है।
लातेहार पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव को सूचना मिली थी कि रविन्द्र अपने घर के आस पास मौजूद है बेतर ओपी क्षेत्र के हेसला बांझी टोला के जंगलों में विशेष अभियान चलाकर उसे हथियारों और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के साथ ही वर्षों से लातेहार पुलिस ओर सीआरपीएफ की ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल एक बड़ा चेहरा कानून के शिकंजे में आ गया।
15 लाख राज्य सरकार, 5 लाख NIA का इनाम
रविन्द्र गंझू पर झारखंड सरकार ने 15 लाख रुपये और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह 154 संगीन मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ हत्या, पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों पर हमले, आईईडी विस्फोट, रेलवे ट्रैक उड़ाना, लेवी वसूली, आगजनी और हथियार लूट जैसी गंभीर घटनाएं दर्ज हैं।
SP को मिली सूचना, जंगल में बिछाया गया जाल
लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव को गुप्त सूचना मिली थी कि रविन्द्र गंझू अपने दस्ते के साथ हेसला बांझी टोला, रंगुनिया और कुडू इलाके में मौजूद है। सूचना मिलते ही 12 जुलाई को लातेहार पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा-209 ने संयुक्त अभियान शुरू किया। जंगल की घेराबंदी के दौरान रविन्द्र गंझू को दबोच लिया गया।
AK-56 समेत भारी हथियार बरामद
गिरफ्तारी के दौरान सुरक्षा बलों ने उसके कब्जे से एक AK-56 राइफल, दो मैगजीन, 180 जिंदा कारतूस, 7.65 एमएम ऑटोमेटिक पिस्टल, दो मैगजीन, 12 कारतूस, एक देशी सिंगल बैरल राइफल, 5.56 एमएम के 21 कारतूस, .303 बोर के 16 कारतूस और अन्य सामान बरामद किया।
154 मामलों का खूंखार चेहरा
पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ लातेहार में 40, लोहरदगा में 87 और गुमला में 27 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसका नाम झारखंड के कई बड़े नक्सली हमलों से जुड़ा रहा है। इनमें सुरक्षाबलों पर आईईडी हमले, सीआरपीएफ जवानों की शहादत, रेलवे ट्रैक विस्फोट, पीसीआर वैन पर हमला, हथियार लूट, सड़क निर्माण कार्यों में बाधा और लेवी नहीं मिलने पर आगजनी जैसी घटनाएं शामिल हैं।
पूछताछ से खुल सकते हैं कई बड़े राज
लातेहार पुलिस का मानना है कि रविन्द्र गंझू की गिरफ्तारी केवल एक इनामी नक्सली की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि माओवादी संगठन के बचे हुए नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है। अब उससे पूछताछ के जरिए हथियार आपूर्ति तंत्र, लेवी वसूली के नेटवर्क, वित्तीय स्रोत, सक्रिय दस्तों और सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से झारखंड-बिहार सीमा पर सक्रिय माओवादी गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा। लंबे समय तक जंगलों में दहशत फैलाने वाला यह कमांडर अब कानून के शिकंजे में है और उसकी गिरफ्तारी नक्सल विरोधी अभियान में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
रविन्द्र गंझू का नाम कई बड़े नक्सली हमलों से जुड़ा रहा है। प्रमुख घटनाएं—
7 नवंबर 2011: राजकीय मध्य विद्यालय में पुलिस पर हमला, बम विस्फोट से स्कूल भवन ध्वस्त, सात जवान घायल।
1 फरवरी 2012: घाघू में आईईडी विस्फोट कर सुरक्षाबलों के वाहन को उड़ाया, तीन पुलिसकर्मी शहीद।
7 जनवरी 2013: कटिया जंगल मुठभेड़ में 11 सीआरपीएफ जवान शहीद और 15 घायल।
12 जून 2013: कुमण्डीह रेलवे स्टेशन के पास मालगाड़ी से करीब 45 मिनट तक पुलिस पर फायरिंग।
22 नवंबर 2019: चंदवा में पीसीआर वैन पर हमला, चार गृहरक्षक शहीद, हथियार लूटे।
20 नवंबर 2021: डेमू-रिचुघुटा रेलखंड पर विस्फोट कर रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त किया।
16 जनवरी 2021: बंदरलेटा जंगल में लैंडमाइन विस्फोट से महिला सांझो देवी की मौत।
14 मई 2022: लेवी नहीं मिलने पर बॉस्करचा प्लांट में नौ वाहनों को आग के हवाले किया।

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