पटनाः मोकामा से जेडीयू विधायक चुने गए अनंत सिंह सिंह मंगलवार को विधायक पद की शपथ ली। स्वास्थ्य कारणों से उन्हें एंबुलेंस के जरिए विधानसभा लाया गया। अनंत सिंह ने बिना शपथपत्र पढ़े ही विधायक पद की शपथ ली। शपथ पूरा होने के बाद वो सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास पहुंचे और पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। माथे पर लाल रंग का लंबा टीका लगाकर आये अनंत सिंह से मुख्यमंत्री ने उनसे टीका लगाने का कारण पूछा। इस दौरान अनंत सिंह हाथ जोड़े मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास खड़े रहे। इस दौरान पूरा सदन ये दृश्य देखता रहा। इसके बाद अनंत सिंह अपने निर्धारित सीट पर जाकर बैठ गए।
#WATCH | Patna | JD(U) leader Anant Singh arrives at the Bihar Assembly in an ambulance from Beur Jail to take oath as an MLA pic.twitter.com/3qoamAQnMr
— ANI (@ANI) February 3, 2026
बाहुबली जेडीयू नेता अनंत सिंह ने बिहार विधानसभा में ली शपथ
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तबीयत खराब होने का दिया हवाला
मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं होने के कारण शपथ लेने में देरी हुई। उन्होंने बताया कि अदालत की अनुमति मिलने के बाद ही वे विधानसभा पहुंचे हैं। अनंत सिंह ने साफ कहा कि जेल से बाहर आना उनके हाथ में नहीं है। उन्होंने कहा कि जब जज साहब चाहेंगे, तभी वे जेल से बाहर आएंगे। फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं।
कोर्ट ने सिर्फ शपथ के लिए दी इजाजत
पटना सिविल कोर्ट के आदेश के बाद अनंत सिंह के शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हुआ। हालांकि कोर्ट ने उन्हें केवल शपथ लेने की ही अनुमति दी है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली है। शपथ समारोह के अलावा किसी भी अन्य गतिविधि में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई है। शपथ के बाद उन्हें वापस बेऊर जेल भेजा जाएगा। वे दोबारा न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
JDU नेता अनंत सिंह ने बिहार विधानसभा में ली MLA की शपथ pic.twitter.com/6ypMilxir9
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विधानसभा परिसर छावनी में तब्दील
अनंत सिंह को जेल से विधानसभा तक लाने और वापस ले जाने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। एस्कॉर्ट वाहन और क्विक रिस्पॉन्स टीम को तैनात किया गया था। विधानसभा परिसर के अंदर और बाहर अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद रहा। सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी गई। समर्थकों के किसी भी तरह के जमावड़े पर पूरी तरह रोक लगाई गई थी। प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की गई।
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हाईकोर्ट में जमानत पर अब भी इंतजार
अनंत सिंह पिछले करीब तीन महीनों से बेऊर जेल में बंद हैं। सिविल कोर्ट से उनकी जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने 24 दिसंबर को पटना हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। जिस पीठ में मामले की सुनवाई सूचीबद्ध हुई थी, उस कोर्ट के जज ने सुनवाई से इनकार कर दिया। अब इस मामले को दूसरी पीठ में सूचीबद्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। जमानत पर फिलहाल कोई फैसला नहीं हुआ है।
संविधान के तहत शपथ लेना था जरूरी
संविधान के अनुच्छेद 188 के अनुसार हर विधायक को पदभार संभालने से पहले शपथ लेना अनिवार्य है। शपथ लिए बिना कोई विधायक सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकता। शपथ तक विधायक को वेतन और भत्ते का भी अधिकार नहीं मिलता। अनुच्छेद 193 के तहत बिना शपथ सदन में शामिल होने पर जुर्माने का प्रावधान है। इसी कारण अनंत सिंह के लिए शपथ लेना जरूरी था। शपथ के साथ उनकी सदस्यता औपचारिक रूप से पूरी हो गई।
मोकामा से बड़ी जीत के बाद शपथ
अनंत सिंह मोकामा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए हैं। उन्होंने 28,206 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। अनंत सिंह को कुल 91,416 वोट मिले थे। राजद की प्रत्याशी वीणा देवी दूसरे स्थान पर रहीं, जिन्हें 63,210 वोट प्राप्त हुए थे। जीत के बाद अनंत सिंह शपथ न ले पाने के कारण सदन से बाहर थे। मंगलवार को शपथ लेने के साथ ही उनकी विधायकी औपचारिक रूप से शुरू हो गई।








