डेस्कः उत्तरप्रदेश के प्रयागराज स्थित इंडियन ऑयल कॉपोरेशन लिमिटेड पूर्व क्षेत्र पाइपलाइन्स कार्यालय के समक्ष सोमवार को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन पाइपलाइन्स वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष राजकिशोर सिंह की अगुवाई में आमरण अनशन शुरू किया गया। इसके साथ ही यूपी, बिहार, झारखंड के प्रत्येक लोकेशनों पर प्रदर्शन और नारेबाजी की गई।
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दरअसल, यूनियन का आरोप है कि प्रबंधन द्वारा यूनियन से बिना बातचीत किए पूर्वी क्षेत्र पाइपलाईन के यूनिट कार्यालय को बरौनी से पटना शिफ्ट किया गया और कंपनी के करोड़ो रुपए को बर्बाद किया गया साथ ही साथ ठेका श्रमिकों को बेराजगार बना दिया गया।
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कॉस्ट कंट्रोल के नाम पर 25-25 वर्षो से काम कर रहे ठेका श्रमिकों को बाहर निकाला जा रहा है और उनके परिवार को भूखमड़ी के कगाड़ पर ला दिया गया है। प्रबंधन के द्वारा एकपक्षीय निर्णय लेकर यूनियन के साथ हुई वर्षो पुराने समझौते को बिना बातचीत के समाप्त किया जा रहा है।
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यूनियन का आरोप है कि कर्मचारियों को वर्षो से मिल रही सुविधाओं को तुगलकी फरमानों के द्वारा बंद किया जा रहा है या उसमें कटौती की जा रही है। यहां तक कि स्कूल बस जिससे बच्चों को स्कूल ले जाया जाता था, उसे भी बंद कर बच्चों को परेशान किया जा रहा है। क्रेडिट पर मिल रही दवा की सुविधा को बंद कर दिया गया है एवं कर्मचारियों को मिल रही अन्य सुविधाओं पर कुठाराघात किया जा रहा है।
बार-बार प्रबंधन से पत्राचार के बावजूद इन मुद्दों का कोई समाधान नहीं निकाला गया और यूनियन को इग्नोर किया गया। बाध्य होकर यूनियन के अध्यक्ष को आमरण अनशन एवं बरौनी से कानपुर तक प्रत्येक लोकेशन में प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू किया गया।






