रांची : रिम्स डेंटल कालेज में इंटर्न छात्रों ने काम बंद किया, हड़ताल पर गए। स्टाइपेंड नहीं मिलने के कारण हड़ताल पर बैठ गए हैं। हड़ताल पर बैठने से अस्पताल की व्यवस्था तथा ओपीडी सेवाओं पर असर पड़ा हैं। डेंटल कालेज के प्राचार्य ने बताया अकाउंट्स में कुछ तकनीकी कारण से नहीं हो पाया स्टाइपेंड का भुगतान।इससे पहले 2022 में रिम्स डेंटल कॉलेज (RIMS Dental College, Ranchi) के इंटर्न छात्रों ने मानदेय (Stipend) नहीं मिलने के कारण पहले काम बंद करके विरोध प्रदर्शन किया था।काम बंद करने का सीधा असर डेंटल कॉलेज में इलाज के लिए पहुंचे मरीजों पर पड़ा। कई मरीजों को उपचार के लिए इंतजार करना पड़ा, जबकि नियमित दंत चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
इंटर्न छात्रों का कहना है कि उन्हें निर्धारित स्टाइपेंड का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने प्रबंधन से कई बार भुगतान की समस्या दूर करने की मांग की, लेकिन समाधान नहीं होने पर उन्हें काम बंद करने का निर्णय लेना पड़ा। छात्रों की मांग है कि लंबित स्टाइपेंड का भुगतान जल्द किया जाए और भविष्य में भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए।
रिम्स डेंटल कालेज के प्राचार्य डा. जयप्रकाश ने बताया कि स्टाइपेंड का भुगतान रोकने की मंशा प्रबंधन की नहीं है। अकाउंट्स से संबंधित कुछ तकनीकी कारणों की वजह से भुगतान नहीं हो पाया है। तकनीकी समस्या को दूर करने की प्रक्रिया चल रही है और इसके बाद छात्रों के स्टाइपेंड का भुगतान किया जाएगा।
राज्य का सबसे बड़ा डेंटल का :
रिम्स डेंटल कालेज राज्य का सबसे बड़ा डेंटल कालेज है। यहां रांची के अलावा झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में मरीज दांतों से संबंधित इलाज कराने पहुंचते हैं। ओपीडी में प्रतिदिन मरीजों की भीड़ रहती है। ऐसे में इंटर्न छात्रों के काम बंद करने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से सामान्य दंत चिकित्सा सेवाओं में मरीजों को इंतजार करना पड़ा।प्रबंधन की ओर से भुगतान संबंधी तकनीकी समस्या को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि स्टाइपेंड का भुगतान कब तक होता है और इंटर्न छात्र हड़ताल समाप्त कर नियमित रूप से काम पर लौटते हैं या नहीं।






