डेस्कः अहमदाबाद एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के भीषण हादसे को लेकर इटली के मशहूर अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने बड़ा दावा किया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय जांचकर्ता जो अंतिम रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, उसमें विमान हादसे की वजह पायलट द्वारा जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद करने को बताया गया है।वेस्ट एविएशन एजेंसियों के हवाले से कहा गया है कि जांच में अब तक किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं मिली है। रिपोर्ट के अनुसार, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग से यह भी पता चला है कि किस पायलट ने फ्यूल स्विच बंद किए थे। एयर इंडिया की यह बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर फ्लाइट अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही थी। इस विमान को कैप्टन सुमीत सभरवाल और को-पायलट कैप्टन क्लाइव कुंदर उड़ा रहे थे।
उड़ते ही बंद हो गए थे दोनों इंजन, पायलट ने पूछा- क्यों कट किया ईंधन; अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच रिपोर्ट
मीडिया रिपोर्ट में कॉकपिट में वॉयस रिकॉर्डिंग के आधार पर किया गया दावा
मीडिया रिपोर्ट, जांच रिपोर्ट के उस तथ्य पर आधारित है, जिसमें कहा गया है कि विमान में कोई तकनीकी खामी नहीं मिली है।
साथ ही विमान के कॉकपिट में वॉयस रिकॉर्डिंग के आधार पर यह माना जा रहा है कि पायलट ने ही फ्यूल स्विच बंद किए।
हालांकि अभी तक भारत के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस रिपोर्ट पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। न ही इस दावे की अभी कोई पुष्टि की गई है।
रिपोर्ट में इस बात की भी स्पष्ट जानकारी नहीं है कि किन परिस्थितियों में पायलट ने स्विच जानबूझकर बंद किए। रिपोर्ट में मुख्य संदिग्ध विमान के कमांडर सुमित सभरवाल को बताया गया है। पायलट सुमित सभरवाल की भी विमान हादसे में मौत हो गई थी।
भारतीय पायलट एसोसिएशन और पायलट सुमित सभरवाल का परिवार इस दावे को पहले ही नकार चुका है और इनका कहना है कि हादसे की जिम्मेदारी पायलट पर डालने की सोची समझी साजिश रची जा रही है।
पायलट एसोसिएशन और पायलट सुमित सभरवाल के परिवार ने विमान बनाने वाली कंपनी, एयरलाइन और अन्य तथ्यों की विस्तृत जांच करने की मांग की है।
दिसंबर में एएआईबी के भारतीय जांचकर्ता वॉशिंगटन गए थे, जहां उन्होंने विमान के ब्लैक बॉक्स की जांच की थी। इसमें सबसे ज्यादा फोकस वॉयस रिकॉर्डिंग पर था। इसके आधार पर मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि एक पायलट ने ही जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद किया।
अमेरिकी विशेषज्ञों का कहना है कि बोइंग 787 में ऐसा कभी नहीं हुआ कि दोनों इंजन एक साथ बंद हुए हो और यह सिर्फ जानबूझकर या एक्सीडेंट की स्थिति में ही हो सकता है।
जांच में ये भी पता चला कि पहले विमान का बांया इंजन बंद हुआ और फिर दांया। पायलट सीट पर बांयी तरफ कैप्टन सुमित सभरवाल ही बैठे हुए थे और दांयी तरफ कैप्टन क्लाइव कुंदर।
कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर से पता चला कि एक पायलट ने पूछा ‘तुमने इंजन बंद क्यों किए?’ इस पर दूसरा पायलट जवाब देता है कि ‘मैंने नहीं किए’।
विमान हादसे में 260 लोगों की हुई थी मौत
एअर इंडिया का विमान बोइंग 787 ड्रीमलाइनर बीते साल 12 जून को हादसे का शिकार हो गया था। अहमदाबाद हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान क्रैश हो गया था। हादसे में 260 लोगों की मौत हुई थी। जिनमें से विमान में सवार 242 यात्रियों और क्रू सदस्यों में से 241 और मेडिकल हॉस्टल के 19 लोग शामिल थे। विमान टेक ऑफ होने के 32 सेकंड बाद ही क्रैश होकर एक मेडिकल हॉस्टल की बिल्डिंग पर गिर गया था।



