रांचीः मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में झारखंड इको टूरिज्म अथॉरिटी (JETA) के शासी निकाय की चतुर्थ बैठक संपन्न हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में जहां-जहां इको टूरिज्म के विकास की बेहतर संभावनाएं हैं उन स्थलों को चिन्हित किए जाएं।
हेमंत सोरेन ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री ने वन, पर्यटन एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीनों विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर राज्य में इको टूरिज्म के विकास हेतु बेहतर कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक रूप से बहुत ही सुंदर एवं आकर्षक राज्य है। झारखंड में इको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। राज्य के भीतर जिन चिन्हित स्थलों पर इको टूरिज्म विकसित होंगे वहां के स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ा जा सकेगा साथ ही प्रकृति की संरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

तय समय में काम का निर्देश
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने इको टूरिज्म की संभावनाओं वाले स्थलों का चयन कर वहां बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किए जाने पर विशेष बल दिया। बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने इको टूरिज्म के बढ़ावा एवं विकास को लेकर मैथन, नेतरहाट, पतरातू, चाईबासा, दुमका, रांची सहित कई स्थलों के संबंध में विस्तृत चर्चा की। बैठक में मसानजोर के तर्ज पर पतरातू में भी इको टूरिज्म विकास किए जाने को लेकर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इको टूरिज्म विकास की समग्र कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समयसीमा के भीतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
इन-इन स्थानों पर इको टूरिज्म को बढ़ावा
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि इको-टूरिज्म न केवल राज्य की प्राकृतिक सुंदरता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला सकता है, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन एवं आर्थिक विकास का एक सशक्त माध्यम भी बन सकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों, वन क्षेत्रों, नदियों, जलाशयों और पहाड़ी इलाकों को चिन्हित कर वहां पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हुए पर्यटन सुविधाओं का विकास करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।







