रांचीः खेलगांव के टाना भगत स्टेडियम में 77वें वन महोत्सव का उद्घाटना मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया। इस मौके पर गांडेय विधायक और मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन भी मौजूद थी। दोनों ने इस मौके पर एक-एक पेड़ लगाया। पौधारोपण के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां उपस्थित सभी लोग अपने-अपने कैंपस में एक-एक पेड़ लगाईये और उसमें आज का दिन लिखिए कि वन महोत्सव के दिन पेड़ लगाया। मैं सत्ता में रहूं या रहूं पेड़ देखने जरूर आऊँगा। जिन लोगों को भ्रम है कि वे संभ्रांत हैं, उनके पास पैसा, गाड़ी, मोटर सब कुछ है। उनको कुछ नहीं हो सकता। ऐसा नहीं है। पर्यावरण से खिलवाड़ करने की कीमत हर व्यक्ति को चुकानी पड़ेगी।हमने शहर के लोगों के लिए कहा कि जो एक पेड़ लगाएगा, उसको पांच यूनिट बिजली फ्री देंगे। 100 पेड़ लगाओ, 1000 यूनिट बिजली फ्री ले लो। लेकिन कोई लेने को तैयार नहीं। चलिए देखिए कहां तक हम जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को महसूस कर रही है। कभी अत्यधिक वर्षा, कभी सूखा, कभी भीषण गर्मी, कभी असामान्य ठंड, कहीं बादल फटना, कहीं भूस्खलन, ये सभी संकेत हैं कि प्रकृति हमें लगातार चेतावनी दे रही है।विकास आवश्यक है, लेकिन विकास और प्रकृति के बीच संतुलन भी उतना ही आवश्यक है। सड़कें बनें, उद्योग लगें, शहर बसें, पर जल, जंगल और जमीन की कीमत पर नहीं। जब हम जंगलों में अतिक्रमण करेंगे, तब वन्यजीव भी हमारे बीच आएंगे। आज हाथियों का गांव और शहरों की ओर आना इसी बदलते संतुलन का परिणाम है। झारखंड की पहचान उसके जंगलों, जैव विविधता और प्रकृति से है। इसलिए हमारी सरकार ने स्पष्ट निर्णय लिया है कि राज्य में ऐसे वृक्षों को ही प्राथमिकता दी जाएगी जो इंसान, पशु-पक्षी और पर्यावरण, तीनों के लिए उपयोगी हों। हमें केवल पेड़ लगाने नहीं, उन्हें संरक्षित भी करना है।






