पटना: बिहार विधान परिषद के मानसून सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों की कमी का मुद्दा सदन में जोरदार बहस का कारण बन गया।प्रश्नकाल के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के विधान पार्षद महेश्वर सिंह ने इंजीनियरिंग संस्थानों में रिक्त पदों और शिक्षा की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया। जवाब से असंतुष्ट विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
शिक्षकों की कमी पर सरकार से पूछा सवाल
महेश्वर सिंह ने सरकार से पूछा कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी कब तक दूर की जाएगी। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक जवाब देने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे।उन्होंने कहा, जवाब तो मिल गया, लेकिन शिक्षकों की कमी और गुणवत्ता का संकट कब तक दूर होगा? हम लोग यहां अनपढ़-गंवार थोड़े बैठे हैं।
पथ निर्माण मंत्री की टिप्पणी पर भड़के महेश्वर सिंह
इसी दौरान पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेन्द्र कुमार ने कहा कि सरकार की ओर से समेकित जवाब दिया जा चुका है। मंत्री की इस टिप्पणी पर महेश्वर सिंह नाराज हो गए और तीखी प्रतिक्रिया दी।उन्होंने पथ निर्माण मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि नया-नया मियां बने हैं तो बेसी प्याज आप खा रहे हैं क्या बोलियेगा। इस पर बीच-बचाव करने मंत्री अशोक चौधरी खड़े हुए और कहा कि ऐसी बातें सही नहीं है।
बिहार विधानपरिषद में टोका-टोकी पर भड़के MLC महेश्वर सिंह, पथ निर्माण मंत्री को कहा, नया-नया मियां बने हैं तो ज्यादा प्याज खा रहे हैं। प्रथम बार बने नहीं कि लगे उड़ने। देखिए बहस का वो वीडियो pic.twitter.com/Qm15fWaY4N
— Live Dainik (@Live_Dainik) July 24, 2026


