गढ़वा : गढ़वा में शिक्षक दीपक कुजूर की नृशंस हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। बड़गड़ थाना क्षेत्र के सालो जंगल में हुई इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए स्थानीय पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग और प्रतिशोध की भावना मुख्य वजह थी। गिरफ्तार आरोपितों के पास से हथियार, कारतूस, स्कार्पियो कार, बाइक और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
समाहरणालय स्थित एसपी के कार्यालय कक्ष में गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने बताया कि टीचर ब्लाइंड मर्डर केस की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पता चला कि मृतक शिक्षक दीपक कुजूर की पत्नी का विवाह से पहले मेदिनीनगर में काम करने के दौरान मतिन अख्तर उर्फ मुन्ना खान से प्रेम संबंध था। दिसंबर 2025 में महिला की शादी दीपक कुजूर से हो गई और वह पति के साथ सिमडेगा रहने लगी। बाद में दोनों की एक बेटी भी हुई। एसपी ने बताया कि मतिन अख्तर चाहता था कि महिला अपने पति को छोड़कर बेटी के साथ उसके पास मेदिनीनगर आ जाए। महिला द्वारा ऐसा करने से इंकार करने पर उसने दीपक को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। इसके लिए उसने अपने साथियों को भी हत्याकांड की योजना में शामिल किया।
गढ़वा पुलिस के अनुसार 19 जुलाई 2026 को दीपक कुजूर अपने ससुराल रमकंडा से सिमडेगा लौट रहे थे। इसी दौरान सालो जंगल में पहले से घात लगाए बैठे आरोपितों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इसके बाद धारदार हथियार से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई और मौके से फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर रंका के एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी मेदिनीनगर के नावाटोली निवासी मतिन अख्तर (42) तथा उसके सहयोगी पलामू जिले के चैनपुर थाना अंतर्गत कुमनी गांव निवासी महफूज अंसारी (23) को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले मामले में एक अन्य आरोपी परवेज आलम को न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। पुलिस ने दोनों आरोपितों के पास से दो देशी पिस्तौल, 18 कारतूस, एक स्कार्पियो कार, एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि इस हत्याकांड के सभी आरोपित अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। पुलिस के इस अभियान में भंडरिया, बड़गड़, रंका और रमकंडा थाना की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।







