रांचीः 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा समेत कई भर्ती परीक्षाओं में कथित तौर पर अनियमितता को लेकर झारखंड लोक सेवा आयोग(JPSC) के पूर्व चेयरमैन और राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एल ख्यांगते से सीआईडी ने करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। सीआईडी के अधिकारियों ने उन्हें दुबारा पूछताछ के लिए बुधवार को एक बार फिर से बुलाया है।सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीआईडी ने ख्यांगते का पासपोर्ट जब्त कर लिया है ताकि वो बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जा सकें।
सीआईडी के अधिकारियों ने जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते से पूछा कि ब्लैकलिस्टेड कंपनी के चयन में उनकी क्या भूमिका थी, गड़बड़ी के सूत्रधार टीडीपीएल के मार्केटिंग मैनेजर व अब खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी के पद पर कार्यरत अभय तिवारी से उनके क्या संबंध थे, उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता तबादले के बाद भी जेपीएससी में कैसे बनी रही, जैसे तीखे सवाल पूछे. चेयरमैन गोल-मोल जवाब देते रहे।
कहा कि सबकुछ नियम सम्मत तरीके से हुआ। जनवरी में ही परीक्षा में हो रही गड़बड़ी की शिकायत से भी उन्होंने पल्ला झाड़ लिया। कहा ठाेस जानकारी नहीं थी, शिकायत आई होगी तो कार्रवाई के लिए गई होगी।इसके बाद सीआईडी ने ख्यांगते को बुधवार को दोबारा दफ्तर आने का निर्देश दिया है।उल्लेखनीय है कि सीआईडी ने सोमवार को नोटिस जारी कर पूर्व अध्यक्ष को पूछताछ के लिए बुलाया था। नोटिस मिलने के बाद ख्यांगते सीआईडी दफ्तर पहुंचे थे। सीआईडी की टीम ने ख्यांगते के कांके रोड स्थित सरकारी आवास और जेपीएससी कार्यालय स्थित उनके कक्ष में पिछले सप्ताह छापेमारी की थी।
करीब पांच घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने कई दस्तावेजों की जांच की और उनसे पूछताछ भी की। इसी दौरान जेपीएससी कार्यालय के साथ-साथ परीक्षा संचालन एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के कार्यालय में भी तलाशी अभियान चलाया गया था।जांच के दौरान सीआईडी ने जेपीएससी कार्यालय से भर्ती परीक्षाओं से जुड़े दस्तावेज, ओएमआर शीट और कंप्यूटरों से डिजिटल साक्ष्य जब्त किए थे। वहीं, टीडीपीएल कार्यालय से भी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अहम रिकॉर्ड कब्जे में लिए गए हैं। इस मामले में सीआईडी ने जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत दस लोगों को गिरफ्तार किया है। पांच लोगों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।


