नई दिल्ली | वॉशिंगटन। अमेरिका की जांच एजेंसी Federal Bureau of Investigation (FBI) के एक अनक्लासिफ़ाइड (Unclassified) दस्तावेज़ में भारत के वरिष्ठ पूर्व राजनयिक Yashvardhan Kumar Sinha का नाम सामने आया है। यह दस्तावेज़ कुख्यात यौन अपराधी Jeffrey Epstein से जुड़े एक मामले में प्राप्त सूचना (Crisis Intake) से संबंधित है।
Epstein File में क्या कहा गया है?
21 अक्टूबर 2019 को दर्ज इस एफबीआई दस्तावेज़ में एक महिला द्वारा दी गई जानकारी का उल्लेख है। महिला ने दावा किया है कि ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्य Prince Andrew एपस्टीन के निजी द्वीप पर मौजूद थे और वहां आपराधिक गतिविधियां हुईं।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि “YK” नामक व्यक्ति, जिसकी पहचान शिकायतकर्ता ने यशवर्धन कुमार सिन्हा के रूप में की है, कथित तौर पर इन घटनाओं से किसी रूप में जुड़ा था। दस्तावेज़ में यह दावा भी किया गया है कि YK का संबंध लंदन स्थित भारतीय कांसुलेट/दूतावास से बताया गया है और वह कथित रूप से प्रिंस एंड्रयू तथा जेफरी एपस्टीन के बीच मुलाक़ातों की व्यवस्था करता था।
एफबीआई द्वारा 21 अक्टूबर 2019 को प्राप्त इस रिपोर्ट में एक महिला द्वारा दी गई जानकारी का उल्लेख है। महिला ने दावा किया है कि ब्रिटेन के ड्यूक ऑफ़ यॉर्क Prince Andrew एपस्टीन के निजी द्वीप (Epstein Island) पर मौजूद थे।
दस्तावेज़ के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि:
प्रिंस एंड्रयू द्वीप पर युवतियों के साथ आपत्तिजनक गतिविधियों में शामिल थे
ये घटनाएं कथित तौर पर 1995 से 2003 के बीच हुईं
शिकायतकर्ता ने स्वयं भी कई बार उस द्वीप पर जाने का दावा किया है
YK Sinha को लेकर क्या दावा?
FBI दस्तावेज़ के हाइलाइट किए गए हिस्से में शिकायतकर्ता का यह दावा दर्ज है कि:
“YK” नामक व्यक्ति, जिसे वह यशवर्धन कुमार सिन्हा के रूप में पहचानती है,
कथित तौर पर एपस्टीन द्वीप से जुड़ी घटनाओं में किसी रूप में शामिल था
YK का संबंध लंदन स्थित भारतीय कांसुलेट/दूतावास से बताया गया है
यह भी आरोप है कि YK, प्रिंस एंड्रयू और जेफरी एपस्टीन के बीच मुलाक़ातों की व्यवस्था करता था
कौन हैं यशवर्धन कुमार सिन्हा?
यशवर्धन कुमार सिन्हा भारतीय विदेश सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं।
- भारत के पूर्व उच्चायुक्त (यूके)
- केंद्रीय सूचना आयुक्त (2019)
- मुख्य सूचना आयुक्त (7 नवंबर 2020 से 3 अक्टूबर 2023 तक)
वे बिहार से आते हैं और भारत के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं राजनयिक अधिकारियों में गिने जाते रहे हैं।




