झारखंड के सरकारी डॉक्टरों के विदेश यत्रा पर लगा ग्रहण, जानिये स्वास्थ्य विभाग ने क्या लगा दी शर्त

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June 16, 2025

झारखंड के सरकारी डॉक्टरों के विदेश यत्रा पर लगा ग्रहण, जानिये स्वास्थ्य विभाग ने क्या लगा दी शर्त

रांचीः झारखंड के सरकारी डॉक्टरों और अन्य पदाधिकारियों के विदेश दौरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने शर्त कर दी है। डॉक्टर और अन्य पदाधिकारी अब विदेश यात्रा तब ही कर पाएंगे जब विभाग इसकी अनुमति देगा। डॉक्टरों को इस संबंध में विभाग को शपथ पत्र सौंपना होगा। डॉक्टरों के बिना अनुमति विदेश भ्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रूख अपनाया है।

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झारखंड के सरकारी डॉक्टर बिना अनुमति के विदेश यात्रा के नाम पर मुख्यालय छोड़ दे रहे हैं। इसकी सूचना तक साझा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में मेडिकल कॉलेजों में पठाई प्रभावित हो रही है। वरिष्ठ और विशेषज्ञ डॉक्टरों के लंबे समय तक नहीं रहने से मरीजों का इलाज भी प्रभावित हो रहा है।

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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा संवर्ग से जुड़े पदाधिकारी एवं डॉक्टर कार्मिक प्रशिक्षण, गोष्ठी, सेमिनार या व्यक्तिगत कार्यों के लिए विदेश जाते हैं. इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने नया दिशानिर्देश जारी किया है। नये दिशानिर्देश के अनुसार डॉक्टरों और अन्य कर्मियों को निजी कार्य से व्यक्तिगत खर्च पर विदेश यात्रा संबंधी अनुमति के सभी प्रस्ताव विभाग को भेजने होंगे। विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधिकारी सहित सभी शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक चिकित्सा पदाधिकारी इसके दायरे में होंगे। मंजूरी के बाद ही वह यात्रा कर सकेंगे। डॉक्टरों को विदेश यात्रा के लिए अनुमति की फाइल अब स्वास्थ्य विभाग भेजी जायेगी। विदेश यात्रा पर निकलने के 30 दिन पहले आवेदन देना होगा।

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स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे चिकित्सा पदाधिकारियों के प्रति भी आपत्ति जतायी है, जो त्याग पत्र देकर बिना स्वीकृति के कार्य से मुक्त हो जाते हैं। जिसकी जानकारी न तो विभाग को होती है और न उनके संबंधित पदाधिकारी को होती है। ऐसी लगातार शिकायतों के सामने के बाद अपर मुख्य सचिव ने नाराजगी जतायी है। इसकी सूचना झारखंड सरकार के सभी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं झारखंड, सभी क्षेत्रीय उपनिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं, इटकी आरोग्यशाला के अधीक्षक और राज्य के सभी सिविल सर्जन को भेजी गयी है।

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