लोहरदगा : मां दुर्गा की आराधना, शक्ति की उपासना और भक्ति के उल्लास से लोहरदगा का माहौल सराबोर होने जा रहा है। शारदीय नवरात्र के शुभारंभ पर 11 अक्टूबर, रविवार को शहर में भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस बार यात्रा में महाराष्ट्र की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिलेगी। लोहरदगा में पहली बार महाराष्ट्र का प्रसिद्ध पुणेरी ढोल-ताशा बैंड अपनी प्रस्तुति देगा। 50 कलाकारों की टोली पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से श्रद्धालुओं में उत्साह भरेगी। इसमें 25 महिला और 25 पुरुष कलाकार शामिल होंगे। मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आकर्षक झांकी भी यात्रा का प्रमुख आकर्षण होगी। केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजन को भव्य बनाने की तैयारी की गई है।
आस्था के इस महापर्व में परिवार के साथ जरूर आएं : रमेश साहू
केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष रमेश साहू ने जिले के सरना-सनातन धर्मावलंबियों, माता-बहनों, व्यापारियों और समुदाय विशेष के लोगों से इस भव्य कलश यात्रा में श्रद्धालुओं से परिवार और मित्रों के साथ शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नवरात्र आस्था, शक्ति की उपासना और सामाजिक एकजुटता का पर्व है। ऐसे पवित्र अवसर पर सभी को मिलकर अपनी सहभागिता निभानी चाहिए। रमेश साहू ने कहा कि मां दुर्गा की आराधना करने वाले सभी श्रद्धालु अपने परिवार और मित्रों के साथ कलश यात्रा में शामिल हों। हजारों लोगों की सहभागिता से यह आयोजन भव्य, सफल और यादगार बनेगा। ऐसा पवित्र अवसर बार-बार नहीं आता। इसलिए सभी लोग आगे आएं और मां दुर्गे के स्वागत में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।


पावरगंज देवी मंदिर से सुबह सात बजे निकलेगी यात्रा
शहरी क्षेत्र में भव्य कलश यात्रा रविवार सुबह सात बजे पावरगंज स्थित देवी मंदिर के समीप से शुरू होगी। यहां से यात्रा सोमवार बाजार, अमलाटोली, बड़ा तालाब और गुदरी बाजार स्थित शोक विनाशक संकट मोचन हनुमान मंदिर होते हुए मिशन चौक पहुंचेगी। इसके बाद श्रद्धालु बरवाटोली स्थित मनोकामना सिद्धि दुर्गा मंदिर तक जाएंगे। यात्रा के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की झांकी और पुणेरी ढोल-ताशा बैंड की प्रस्तुति लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगी। आयोजकों को उम्मीद है कि इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु कलश यात्रा में शामिल होंगे। पुणेरी ढोल-ताशा की पारंपरिक धुनें आयोजन को अलग पहचान देंगी। महाराष्ट्र में ढोल-ताशा पथक सामूहिक वादन की प्रसिद्ध परंपरा है। इसमें कलाकार एक साथ ढोल और ताशा बजाकर उत्सव का माहौल बनाते हैं। लोहरदगा में इसकी पहली प्रस्तुति को लेकर श्रद्धालुओं में उत्सुकता है।

रामलीला से डांडिया नाइट तक होंगे आयोजन
नवरात्र के दौरान कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी की गई है। कलश यात्रा के बाद रामलीला, महिलाओं के लिए डांडिया नाइट और भक्ति जागरण का आयोजन होगा। विजयादशमी पर दशहरा मेला स्थल में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। इसके साथ लंका दहन भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष रितेश कुमार ने भी सनातन धर्मावलंबियों से कलश यात्रा और अन्य कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रमेश कुमार साहू के नेतृत्व में केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति इस बार दुर्गोत्सव को विशेष बनाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने माताओं, बहनों, युवाओं और बुजुर्गों सहित सभी श्रद्धालुओं से आयोजन में सहभागी बनने का आग्रह किया है।

सुरक्षा और व्यवस्था पर रहेगा जोर
शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरने वाली कलश यात्रा को लेकर सुरक्षा और व्यवस्था महत्वपूर्ण रहेगी। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से समय पर पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। नवरात्र के दौरान धार्मिक आयोजनों में अधिकाधिक लोगों की सहभागिता से शहर में उत्सव का माहौल बनेगा। पुणेरी ढोल-ताशा की गूंज, आकर्षक झांकियां और पारंपरिक पूजा-अर्चना इस बार लोहरदगा के दुर्गोत्सव को खास पहचान देने की उम्मीद जगा रही हैं।






