गोपालगंजः शहर के एक मोटर गैरेज में अचानक भीषण आग लग जाने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि गैरेज में खड़ी आठ गाड़ियां जलकर पूरी तरह राख हो गईं, जबकि कई अन्य गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
गोपालगंज के बंजारी मोड़ स्थित एक कार गैराज में भीषण आग लगने से करीब 20 कारें जलकर राख हो गईं। शॉर्ट सर्किट से लगी https://t.co/lGGL7SKLCR
— Live Dainik (@Live_Dainik) October 30, 2026
मोटर गैरेज में भीषण आग
प्रथम दृष्टया आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे में संचालक को करीब 25 लाख रुपये से अधिक के आर्थिक नुकसान का अनुमान है। दरअसल इस संदर्भ में बताया जाता है कि गैरेज से अचानक तेज धुआं और आग की लपटें निकलती देखी गईं।

8 गाड़ियां जलकर राख
जब तक लोग कुछ समझ पाते और आग बुझाने का प्रयास करते, तब तक लपटों ने गैरेज के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। आग की विकरालता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देखते ही देखते वहां खड़ी कारें और अन्य वाहन जलने लगे। गैरेज में मौजूद ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैलती चली गई।
मौके पर पहुंची 6 फायर ब्रगेड की गाड़ियां
घटना की सूचना तुरंत अग्निशमन विभाग को दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक के बाद एक आधा दर्जन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन दस्ते ने स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद घंटों प्रयास कर आग पर काबू पाया।

बड़ा हादसा टला
अगर समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो आसपास के रिहायशी इलाकों और दुकानों को भी भारी नुकसान पहुंच सकता था। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करते हुए सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
उचित मुआवजे की उठी मांग
वहीं, हादसे की खबर मिलते ही एमएलसी राजीव कुमार और सदर एमएलए सुबास सिंह भी स्थिति का जायजा लेने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित गैरेज मालिक से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और प्रशासन से उचित मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
पीड़ित का बयान
गैरेज मालिक गोपाल केडिया ने बताया कि आठ गाड़ियां पूरी तरह जलकर नष्ट हो चुकी हैं। कई अन्य गाड़ियां आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। गैरेज में रखे उपकरण और मशीनें भी आग की भेंट चढ़ गए।
फायर सुरक्षा मानक
प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि क्या फायर सुरक्षा मानकों का ख्याल रखा गया था या अनदेखी की गई है। व्यावसायिक नियमावली के अनुसार ऐसे संवेदनशील परिसरों में पर्याप्त मात्रा में अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता अनिवार्य होती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।






