रांचीः स्पेशल ब्रांच में पदस्थापित महिला आरक्षी रंजना मंडल ने अपने पति और सहकर्मी आरक्षी सुदीप कुमार सिन्हा के खिलाफ जगन्नाथपुर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। पीड़िता ने पति पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट और सरकारी सर्विस पिस्टल के बल पर जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 7 मार्च 2025 को रंजना की शादी सुदीप के साथ हुई थी। शादी के समय रंजना के मायके वालों ने 10 लाख रुपए दिए थे। इसके बावजूद ससुराल और पति की ओर से अतिरिक्त 10 लाख रुपए व चार पहिया वाहन की लगातार मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर महिला सिपाही के साथ शारीरिक और मानसिक क्रूरता की जाने लगी।
पीड़िता के मुताबिक, 14 सितंबर की रात करीब 11.30 बजे विवाद के दौरान पति ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। जान बचाने के लिए वह किसी तरह घर में छिपी और डायल 112 पर कॉल कर मदद मांगी। पीसीआर वैन के मौके पर पहुंचने के बाद वह सुरक्षित थाने पहुंच सकी। जगन्नाथपुर थानेदार नीतिन कुमार ने बताया कि महिला जवान के आवेदन पर सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। लगाए गए आरोपों की तकनीकी और तथ्यात्मक जांच की जा रही है।

गन दिखाकर गहने और वेतन पर कब्जे की कोशिश
पीड़िता का आरोप है कि पति सुदीप अक्सर अपनी सर्विस पिस्टल साथ रखता है और उसी के दम पर उसे व मायके वालों को डराता है। इसके अलावा पति ने उसके सारे जेवरात अपने कब्जे में ले लिए हैं और एटीएम कार्ड छीनने का दवाब बना रहा है। वह पीड़िता के वेतन की पूरी राशि पर भी अपना नियंत्रण रखना चाहता है। इसका विरोध करने पर उसके साथ हिंसक बर्ताव किया जाता है।
धौंस दिखा बोला है….
‘गढ़वा को गुंडा हूं, स्पीकर के साथ रहता हूं’, पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में पति के रसूख और राजनीतिक धौंस का भी खुलासा किया है। रंजना के अनुसार, पति सुदीप अक्सर विभाग और सत्ता में अपनी उंची पहुंच का हवाला देेकर कहता था- मैं गढ़वा का गुंडा हूं और स्पीकर के साथ रहता हूं। एसपी व डीएसपी भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। कहीं भी शिकायत करोगी तो कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसी धौंस के सहारे वह लगातार पूरे परिवार को चुप रहने की धमकी देता था।



