डेस्कः राष्ट्रपति द्रौपर्दी मुर्मू के नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेने से पहले जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। मंगलवार को नालंदा जिले के शीतला मंदिर में भगदड़ मच गई जिसमें आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई। चैत्र महीने के अंतिम मंगलवार को उमड़ी भीड़ में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई जिस वजह से ये दर्दनाक हादसा हुआ।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस हादसे पर शोक जताया और मृतकों के लिए मुआवजे की घोषणा की है।मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी पत्र के मुताबिक श्रद्धालुओं की मौत पर मुख्यमंत्री मर्माहत, मृतकों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को आपदा प्रबंधन विभाग से 4-4 लाख रूपये एवं मुख्यमंत्री राहत कोष से 2-2 लाख रूपये (कुल 06 लाख रूपये) मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
नालंदा के शीतला मंदिर में भगदड़, 8 लोगों की मौत, 25 से अधिक लोग घायल,अधिकांश मृतक महिला
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दरअसल, दीपनगर थाना क्षेत्र के मघड़ा गांव में स्थित शीतला मंदिर में पुलिस बंदोबस्ती नहीं के बराबर थी। इसी बीच श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने की जल्दीबाजी को लेकर कतार तोड़ने लगे और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई। नतीजा यह हुआ कि शीतला मंदिर में भगदड़ मच गई और लोक एक के ऊपर एक गिरते, चढ़ते चले गए। भगदड़ की सूचना पाकर मौके पर पुलिस पहुंची और हालात को काबू कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पुलिस ने दर्जन भर से अधिक लोगों को अस्पताल पहुंचाया, जिनमें से आठ को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है।
नालंदा के उप विकास आयुक्त शुभम कुमार ने मघड़ा स्थित शीतल मंदिर घटना पर मीडिया को किया ब्रीफ
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करीब आधा दर्जन से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का उपचार चल रहा है। कुछ घायलों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है।इनमें से कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलने पर लहेरी दीपनगर थाना और एसडीएम बिहारशरीफ मौके पर पहुंच गए हैं। प्रत्यक्षदर्शी घटना के लिए पुलिस-प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार बता रहे हैं। चैत्र के महीने में आस्था का एक बड़ा केंद्र शीतला मंदिर में पुलिस का इंतजाम नहीं होना, यह सवालों के घेरे में है।


