ED का खुलासा: एक करोड़ खर्च कर 100 करोड़ की जमीन हड़पने की साजिश

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June 14, 2024

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रांची: प्रवर्तन निदेशालय ने रांची के बड़े जमीन कारोबारी शेखर कुशवाहा को गिरफ्तार करने के बाद कई खुलासे किये। ईडी सूत्रों के अनुसार, रांची के चेशायर होम रोड़ में करीब एक करोड़ खर्च कर 100 करोड़ से ज्यादा की 4.83 एकड़ जमीन हड़पने की साजिश रची गई थी।

जमीन को हड़पने के इस मामले में शेखर कुशवाहा, विपिन सिंह, अफसर अली, सद्दाम हुसैल मास्टरमाइंड थे। इस जमीन पर कब्जा करने के लिए 1940 और 1974 के दो फर्जी डीड बनाये गये थे, जिसमें सद्दाम ने 20 लाख रूपये खर्च करने का जिक्र किया था। इस फर्जी डीड के लिखावट मोहम्मद इरशाद के निर्देश पर मोहम्मद अलाउद्दी और मकबूल अंसारी ने तैयार किया था, जिनकी मौत हो चुकी है।

दरअसल यह जमीन 37.10 एकड़ जमीन का हिस्सा थी जिसे मंगल महतो और कैला महतो ने 1930 में कैथोलिक क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी से खरीदा था। ये जमीन सीएनटी की थी जिसे हस्तांतरित नहीं किया जा सकता था, इसलिए इसका फर्जी डीड बनाया गया। इसमें सिटी अंचल क्लर्क मनोज कुमार यादव भानू प्रताप प्रसाद की भूमिका रही। विपिन सिंह ने मनोज के साथ मिलकर आर-27 रजिस्टर में छेड़छाड़ की और इसके बदले 5 लाख रूपये लिये।

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प्रवर्तन निदेशालय ने जांच में पाया कि शेखर कुशवाहा, नेपाल महतो और प्रियरंजन सहाय ने चेशायर होम रोड स्थित 4.83 एकड़ जमीन हड़पने के लिए कैला महतो और मंगला महतो के वंशज गबेश्वर, दिलेश्वर, दिलनाथ, राजनारायण, जितेंद्र महतो से दो एकड़ का एग्रीमेंट किया था।यह एग्रीमेंट 18 नवंबर 2021 को हुआ था. एग्रीमेंट के एवज में शेखर कुशवाहा ने 20 लाख, प्रियरंजन सहाय ने 40 लाख, जबकि विपिन सिंह ने प्रियरंजन सहाय को 10 लाख रुपए नकद दिए थे।मई 2022 में कोलकाता जाकर होटल पियरलेस में बैठकर इस जमीन के फर्जी कागजात तैयार किए गए. ईडी को सद्दाम के मोबाइल से इसकी तस्वीर मिली है।

ED के सामने प्रियरंजन सहाय ने शेखर कुशवाहा के साथ 4.83 एकड़ जमीन हड़पने की साजिश में शामिल होने की बात कबूल की है।हेमंत कुमार, समीर कुमार सिन्हा, प्रणव पॉल ने कोलकाता के संजय घोष और महुआ मित्रा की जमीन हड़पने की बात भी कबूल की है। तिरिल मौजा की जमीन के बदले समीर कुमार सिन्हा और हेमंत कुमार को कमीशन दिया गया था।प्रियरंजन ने भानु प्रताप की संलिप्तता की भी बात बताई ।जबकि अंतु तिर्की, सद्दाम हुसैन ने मिलकर भुईंहरी जमीन खाता 1055 को बेचा, जिसमें खाली जमीन को बेचकर 50 लाख कमाए और अफसर अली के साथ मिलकर कई जमीनों पर कब्जा किया।

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