दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची मंडल के डीआरएम केएन सिंह ने शनिवार को लोहरदगा-रांची-टोरी रेल लाइन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लोहरदगा रेलवे स्टेशन का जायजा लिया और भक्सो स्थित कोयल नदी पर बने रेलवे ब्रिज संख्या 115 में चल रहे मरम्मत कार्य की समीक्षा की। इससे पहले विशेष ट्रेन से डीआरएम लोहरदगा पहुंचे। उन्होने लोहरदगा स्टेशन में सबसे पहले प्लेटफार्म संख्या दो का निरीक्षण किया। इस दौरान डीआरएम ने संबंधित अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुल की मरम्मत का कार्य पूरी तरह से पूरा कर लिया गया है और अब इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन भी शुरू हो चुका है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है और जो छोटे-मोटे कार्य शेष हैं, उन्हें अगले डेढ़ महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। नए पुल के निर्माण के सवाल पर केएन सिंह ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इसकी आवश्यकता नहीं है। वर्तमान पुल को ही और मजबूत एवं सुरक्षित बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त पिलर नंबर पांच का पुनर्निर्माण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में किसी तरह की समस्या उत्पन्न न हो। रेलवे लाइन के दोहरीकरण को लेकर डीआरएम ने कहा कि इस परियोजना के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इस रेलखंड पर जल्द ही आनंद विहार-पुरुलिया एक्सप्रेस का परिचालन शुरू किया जाएगा। जिससे यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। हालांकि अन्य नई रेल सेवाओं के संचालन को लेकर फिलहाल कोई योजना नहीं है। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और तकनीकी विभाग के कई अधिकारी भी मौजूद रहे। डीआरएम ने ट्रैक की स्थिति, उपलब्ध संसाधनों और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी विस्तार से समीक्षा की। बता दें कि 4 जनवरी 2026 को रेलवे ब्रिज संख्या 115 के दो पिलरों में दरार आने के बाद इस रेलखंड पर लोहरदगा तक ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने लगातार निरीक्षण कर मरम्मत कार्य में तेजी लाई। निर्धारित समय से पहले ही 26.5 फीट लंबे स्टील गार्डर को स्थापित कर पुल को सुरक्षित बनाया गया और अब रेल सेवा को पुनः सामान्य कर दिया गया है।












