बिहार के पटना में डॉक्टर के बेटे के अपहरण करने वाला रिश्तेदार ही निकला। फुलवारीशरीफ के पुर्णेंदु् नगर के डेंटिस्ट डॉ. सुनील कुमार के 11 वर्षीय पुत्र का रविवार को अपराधियों ने अपहरण कर लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए किशोर को 6 घंटे के अंदर सकुशल बरामद कर लिया। बताया जाता है कि अपहरणकर्ता ने गला दबाकर हत्या का प्रयास किया था। हालांकि बच्चे ने साहस दिखाते हुए दांत काटकर गाड़ी से छलांग लगा दी और भागकर अपनी जान बचाई।
पश्चिमी सिटी एसपी भानु प्रताप ने प्रेसवार्ता कर बताया कि घटना के बाद फुलवारीशरीफ थाने में मामला दर्ज किया गया। एसआईटी और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत को सकुशल बरामद किया। बरामद बच्चे ने बताया कि घर पर फोन कर उसके ममेरे जीजा रमेश रंजन ने नानी घर घुमाने का बहाना बनाया और गाड़ी में बैठाकर ले गया। पहले फुलवारी, फिर पुनपुन, मरीन ड्राइव होते हुए सोनपुर तक घूमता रहा।
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रास्ते में आरोपी ने रुमाल पर केमिकल लगाकर बच्चे का मुंह दबा दिया। इससे किशोर के होंठ में जलन होने लगी। बच्चे ने साहस दिखाते हुए किडनैपर को गर्दन में दांत से काट लिया। इसके बाद गाड़ी से कूदकर एक रेस्टोरेंट में जाकर मदद मांगी। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़कर वहीं रोक लिया। इसके बाद पुलिस और परिजन को सूचना दी गई।
पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और बच्चे को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। आरोपित जगदेव पथ के तिलक नगर का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक कार, चाकू, दो मोबाइल और 6420 नगद बरामद किया है।
गिरफ्तार आरोपी रमेश रंजन (43) ने पूछताछ में स्वीकार किया कि जगदेव पथ स्थित श्रृंगार दुकान के लिए उसने 15 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसमें 12 लाख रुपये अभी भी बकाया है। भारी कर्ज चुकाने के दबाव के कारण उसने अपने ही रिश्तेदार के बेटे का अपहरण कर फिरौती मांगने की योजना बनाई थी। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पर करीब 70 लाख रुपये तक का कर्ज है।


