धनबाद/झरिया: झरिया कोयलांचल में अवैध खनन और कोयला तस्करी का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद बीसीसीएल क्षेत्रों से बड़े पैमाने पर कोयले की चोरी और अवैध निकासी के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला जोरापोखर थाना क्षेत्र के पंखा घर के समीप बाजार धौड़ा 6 नंबर का है, जहां कथित तौर पर अवैध माइंस खोलकर कोयले का उत्खनन किया जा रहा है और वाहनों के माध्यम से बाहर भेजा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बीसीसीएल के विभिन्न खनन क्षेत्रों में खुलेआम अवैध खनन और तस्करी का कारोबार चल रहा है। सवाल यह उठ रहा है कि जब क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF के पास है, तब भी तस्कर इतनी आसानी से कोयले की निकासी कैसे कर रहे हैं। इससे सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले को लेकर माले नेता सबूर गोराई ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि CISF की मौजूदगी के बावजूद कोयला चोरी चरम पर है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन और तस्करी को रोकने में बीसीसीएल प्रबंधन पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। कई बार इस संबंध में बीसीसीएल के महाप्रबंधक को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।सबूर गोराई ने यह भी कहा कि अवैध खनन के दौरान सबसे अधिक खतरा गरीब मजदूरों की जान पर मंडराता है। यदि किसी हादसे में मजदूरों की मौत होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बीसीसीएल प्रबंधन जल्द अवैध खनन और कोयला चोरी पर रोक नहीं लगाता है तो माले आंदोलन करने को बाध्य होगा।


