रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) व झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में अनियमितता का विरोध कर रहे छात्रों के आह्वान पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान हुई हिंसक झड़प मामले में तीन जिलों में 26 नामजद सहित 1000 से अधिक अज्ञात उपद्रवियों के विरुद्ध प्राथमिकियां दर्ज की गईं हैं।इनमें 700 अज्ञात लोगों पर हजारीबाग में और 11 नामजद सहित 36 पर गिरिडीह में केस दर्ज किया गया है। इसके बाद बीजेपी-जेएमएम ने एक-दूसरे पर आरोप-पत्यारोप लगाया शुरू कर दिया है।इनमें 700 अज्ञात लोगों पर हजारीबाग में और 11 नामजद सहित 36 पर गिरिडीह में केस दर्ज किया गया है। इसके बाद बीजेपी-जेएमएम ने एक-दूसरे पर आरोप-पत्यारोप लगाया शुरू कर दिया है।
रांची में इस मामले में कोतवाली और लोअर बाजार थाने में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हे। इनमें जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के 15 लोगों को नामदज आरोपी बनाया गया है। वहीं 250 अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कोतवाली थाने में रांची शहर के सीओ सह मजिस्ट्रेट शिवशंकर पांडेय के बयान पर दर्ज एफआईआर में 15 लोगों को नामजद किया गया है। वहीं रातू रोड़ निवासी अंकिता वर्मा ने भी मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। लोअर बाजार थाने में शहबाज आलम ने मारपीट व गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए 10 लोगों को नामजद किया है। नामजद आरोपियों में नाम लगभग समान हैं।
सीओ का आरोप है कि शुक्रवार शाम जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के करीब 250 छात्र मोरहाबादी से अलबर्ट एक्का चौक पर पहुंचे। वे लोग मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन करना चाहते थे। अधिकारियों ने जब कार्यम की अनुमति न होने की जानकारी दी तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। छात्र जेल चौक-लाइन टैंक रोड़ की बजाय रेडियम रोड़, कचहरी चौक होते हुए जेपीएससी कार्यालय के पास पहुंचे। वहां दूसरे पक्ष से मारपीट हो गई।







