लोहरदगाः शनिवार को लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में समाहरणालय परिसर में खान-खनिज विकास विधेयक एवं राम मंदिर चंदा मामले को लेकर एकदिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि झारखंड केवल देश का खनिज भंडार नहीं, बल्कि जल-जंगल-जमीन, आदिवासी-मूलवासी समाज, मजदूरों, किसानों और खनन क्षेत्र से जुड़े लाखों परिवारों की धरती है। यहां के खनिज राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार और लाखों परिवारों की आजीविका से सीधे जुड़े हैं। ऐसे में खनिजों पर राज्य के अधिकार और राजस्व को कमजोर करने वाली किसी भी नीति का सीधा असर झारखंड की जनता पर पड़ेगा।
सांसद सुखदेव भगत — “झारखंड की छाती से खनिज निकालेंगे और अधिकार भी छीनेंगे, यह नहीं चलेगा”
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए लोहरदगा लोकसभा सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि झारखंड ने देश के विकास के लिए अपनी धरती, जंगल और खनिज संपदा दी है, लेकिन आज उसी झारखंड के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “झारखंड के खनिज केवल जमीन के नीचे पड़ा अयस्क नहीं हैं। यही हमारे मजदूरों की रोजी-रोटी, युवाओं के रोजगार की उम्मीद और राज्य की आर्थिक ताकत हैं। जिस झारखंड ने देश को कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट सहित अनगिनत खनिज दिए, उसी झारखंड को उसके संसाधनों पर पर्याप्त अधिकार से वंचित करने की कोशिश क्यों?”
उन्होंने कहा, “मोदी सरकार अगर यह समझती है कि झारखंड की जनता चुपचाप अपने जल-जंगल-जमीन और खनिज संपदा के अधिकारों को कमजोर होते देखेगी, तो यह उसकी भूल है। कांग्रेस झारखंड के अधिकारों और संघीय व्यवस्था की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक लड़ाई जारी रखेगी।”
राम मंदिर चंदा मामले पर सांसद ने कहा, “राम करोड़ों लोगों की आस्था हैं। आस्था के नाम पर जनता ने अपनी मेहनत की कमाई से चंदा दिया है। यदि चंदे में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं और जांच चल रही है, तो पूरा हिसाब और सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए। हमारा सवाल धर्म से नहीं, पैसे की पारदर्शिता और जवाबदेही से है।”
विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव — “खनिज निकालना विकास नहीं, जनता को उसका अधिकार देना विकास है”
विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों का सवाल केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने कहा, “जिस जमीन के नीचे खनिज है, उस जमीन पर पीढ़ियों से रहने वाले लोगों का जीवन भी उससे जुड़ा है। खनन से प्रभावित परिवारों को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मानजनक पुनर्वास मिलना चाहिए। केवल खनिज निकालना विकास नहीं है; स्थानीय जनता को उसका उचित अधिकार और लाभ देना ही वास्तविक विकास है।”
उन्होंने कहा, “झारखंड को केवल खनिज देने वाला राज्य समझना बंद करना होगा। राज्य को उसके संसाधनों का न्यायपूर्ण हिस्सा, राजस्व और निर्णय लेने का अधिकार मिलना चाहिए। भाजपा को बताना होगा कि झारखंड के हितों को प्रभावित करने वाली ऐसी नीतियां क्यों लाई जा रही हैं।”
राम मंदिर चंदे पर उन्होंने कहा, “आस्था के नाम पर जनता से लिए गए धन में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए। जांच में जो तथ्य सामने आएं, उन्हें सार्वजनिक किया जाए और यदि किसी की जिम्मेदारी तय होती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई हो।”
जिला प्रभारी आलोक दुबे — “झारखंड को कमजोर करके भारत मजबूत नहीं हो सकता”
जिला कांग्रेस प्रभारी आलोक दुबे ने कहा, “यह सिर्फ सरकार और विपक्ष की लड़ाई नहीं, बल्कि झारखंड के भविष्य की लड़ाई है। मजदूर, आदिवासी, मूलवासी, किसान और युवा पूछ रहे हैं कि हमारे संसाधनों से हमारे गांवों और हमारे बच्चों के भविष्य को क्या मिला?”
उन्होंने कहा, “मोदी सरकार को समझना होगा कि झारखंड को कमजोर करके भारत मजबूत नहीं हो सकता। राष्ट्रीय संपदा के नाम पर स्थानीय जनता के अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। कांग्रेस सड़क से सदन तक झारखंड के अधिकार की आवाज उठाती रहेगी।”
राम मंदिर चंदे पर आलोक दुबे ने कहा, “राम के नाम पर गरीब, मजदूर, किसान और आम श्रद्धालु ने अपनी श्रद्धा से योगदान दिया। इसलिए चंदे का हिसाब मांगना किसी धर्म का विरोध नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास और पारदर्शिता की मांग है। जांच पूरी हो और सच देश के सामने आए।”
जिला अध्यक्ष सुखेर भगत — “झारखंड की धरती और जनता के अधिकारों से समझौता नहीं होगा”
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष सुखेर भगत ने कहा, “लोहरदगा और झारखंड की धरती ने देश को बहुत कुछ दिया है। हमारे जंगल, जमीन और खनिज ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। अब समय है कि झारखंड की जनता पूछे—हमारे संसाधनों पर हमारा अधिकार कितना है, युवाओं को रोजगार कितना मिला और खनन प्रभावित क्षेत्रों को विकास कितना मिला?”
उन्होंने कहा, “भाजपा और मोदी सरकार यह गलतफहमी छोड़ दे कि झारखंड के अधिकारों को कमजोर करके यहां की जनता को चुप कराया जा सकता है। कांग्रेस गांव-गांव तक यह आवाज पहुंचाएगी कि खनिज केवल सरकार की फाइल में दर्ज संपत्ति नहीं, बल्कि झारखंड की जनता के भविष्य का सवाल है।”
चंदा मामले पर उन्होंने कहा, “राम मंदिर के नाम पर जनता ने आस्था से चंदा दिया है। यदि उसके दुरुपयोग या गड़बड़ी को लेकर आरोप और जांच सामने आई है, तो निष्पक्ष जांच और पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। जनता के विश्वास और चंदे की जवाबदेही तय करनी ही होगी।”
कांग्रेस का दो टूक संदेश
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य और स्थानीय जनता के अधिकार, खनन प्रभावित लोगों के हित तथा राज्य की वित्तीय स्वायत्तता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।साथ ही राम मंदिर चंदे से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की गई।
कांग्रेस ने कहा—
“झारखंड की धरती का अधिकार हो या जनता की आस्था का सवाल—कांग्रेस न चुप रहेगी, न पीछे हटेगी।”
धरना-प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए—
“खनिज हमारा—अधिकार हमारा!”
“झारखंड के संसाधनों पर पहला हक झारखंडवासियों का!”
“जनता के चंदे का हिसाब दो!”
“जल-जंगल-जमीन और खनिज—झारखंड का अधिकार!”

उपस्थित
प्रदेश प्रतिनिधि नेसार अहमद, NSUI प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहन दुबे, उपाध्यक्ष संदीप कुमार गुप्ता, महासचिव सलीम अंसारी बड़े, हाजी सदरुल अंसारी, दीपक महतो, मुनीम अंसारी, मुस्ताक अहमद, प्रवेश सिद्दीकी, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहम्मद दानिश अली, युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव विशाल डुंगडुंग, सांसद प्रतिनिधि आलोक साहू, विधायक प्रतिनिधि नीथिश जायसवाल, OBC कोऑर्डिनेटर संतोष कुमार महतो, महिला मोर्चा अध्यक्ष सीमा परवीन, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष मुजम्मिल अंसारी, प्रखंड अध्यक्ष तनवीर गौहर, अनीश खान, यूनुस अंसारी, सदेव भगत, जुगल भगत, बुद्धेश्वर भगत, नगर अध्यक्ष आरिफ हुसैन, एनुअल अंसारी, असलम अंसारी, सिराजुल अंसारी, इकबाल अंसारी, सुशीला देवी, संगीता कुमारी, सरिता खलखो, सन्यारी, स्वास्थ्य प्रतिनिधि सोनू कुरैशी, परवेज, संतोषी कुमारी, मुजाहिद अंसारी, नईम अंसारी, समीरुद्दीन अंसारी, कांशी उरई, विजय उरांव, मंसूर अंसारी, कुरबान पवारिया, साजिद अंसारी, रंजीत कुजूर, अलोका उरांव, ललिता उरांव, लक्ष्मी तना भगत, संगीता उरांव एवं सुनीता कुमारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।






