रांचीः सदर थाना क्षेत्र के खोरहाटोली में हुए रमेश ठाकुर हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में डोरंडा के मिलन चौक, पोखरटोली निवासी अमित चौधरी, मातृका आश्रम के श्रीजन बिल्डकॉन निवासी निरंजन स्वांसी उर्फ नीरज और काली स्थान चर्च, रोड़ निवासी सचिन कुमार गुप्ता शामिल हैं। पूछताछ में तीनों आरोपियों में अपनी संलिप्तता स्वीकर कर ली है।
परी के मिलाने के नाम पर अप्राकृतिक यौन शोषण
मुख्य आरोपी सचिन गुप्ता ने पुलिस को बताया कि रमेश ठाकुर खुद को तांत्रिक बताकर पाखंड करता था। वह ‘परी से मुलाकात’ और धन वर्षा का झांसा देकर लोगों को अपने कमरे में बुलाया था। इसके बाद उसके साथ अप्राकृतिक यौनाचार करता था। आरोपी के अनुसार, रमेश की इन हरकतों से वे सभी परेशान हो चुके थे। इसी वजह से 21 जुलाई की रात सचिन ने अमित और निरंजन के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। योजना के तहत निरंजन पिस्टल लेकर पहुंचा और रमेश पर गोली चलाई, लेकिन निशाना चूक गया। इसके बाद तीनों ने पास में रखे प्लान से हमला कर रमेश की हत्या कर दी। वारतदा के बाद उसके जेवरात लूटकर फरार हो गया। मामले में मृतक के बेटे आकाश ठाकुर के आवेदन पर 22 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
झांसे में नेशनल पेटलिफ्टर भी फंसा
रमेश ठाकुर हत्याकांड का मुख्य आरोपी रमेश गुप्ता मूल रूप से खूंटी का रहने वाला है। वह फिलहाल लोअर बाजार थाना क्षेत्र के चर्च रोड़ में रहता है। सचिन वेटलिफ्टिंग का खिलाड़ी भी है और राष्ट्रीय स्तर पर अपना प्रतिनिधित्व कर चुका है। पुलिस के अनुसार, करीब चार महीने पहले उसकी मुलाकात जमीन कारोबारी रमेश ठाकुर से हुई थी। रमेश ने खुद को तांत्रिक बताकर सचिन को ‘परी से मिलाने’ का झांसा दिया। न तो वह कभी परी से मिल सका, न ही उसकी जिंदगी बदली।


