पटनाः जमुई में छात्रा से हुई छेड़छाड़ की घटना और फिर आरोपियों का हाफ एनकाउंटर के बाद गुरुवार शाम को पटना के मुख्यमंत्री आवास पर पीड़ित छात्रा और उसकी मां ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के ऑफिशियल अकाउंट से पोस्ट की गई। मुख्यमंत्री की टीम द्वारा पोस्ट की गई तस्वीर को हू-ब-हू पोस्ट कर दिया गया जिससे पीड़िता और उसके परिवार की पहचान उजागर हो गई। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना कानूनन अपराध है। यौन अपराध की पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती। BNS 72 उन मामलों में लागू होती है जो BNS की धाराओं 64 से 71 के अंतर्गत आते हैं। किसी व्यक्ति द्वारा पीड़िता का नाम या ऐसी कोई भी जानकारी प्रकाशित/प्रसारित करना जिससे उसकी पहचान पता चल सके, अपराध है। इसकी सजा 2 साल तक की जेल और जुर्माना है। सनद रहे कि बिहार पुलिस ने तमाम लोगों पर वीडियो शेयर कर पहचान उजागर करने के आरोप में मुकदमें किए और गिरफ्तारी भी हुई।


18 मिनट तक फोटो फेसबुक पर मौजूद रही, बाद में हटा ली गई। फेसबुक का रिकॉर्ड यही बताता है। सवाल है यहां मुख्यमंत्री ने पीड़िता के परिवार के साथ साथ फोटो किस मंशा के साथ खिंचवाई, फोटो खिंचवाई तो पोस्ट क्यों किया? अगर फोटो पोस्ट करना अनिवार्य था तो उसे ब्लर यानी की धुंधला क्यों नहीं किया गया जिससे पीड़ित का चेहरा स्पष्ट न दिखे। बिहार पुलिस ने जमुई पीड़िता का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कि है तो सवाल ये खड़ा होता है कि क्या मुख्यमंत्री और उनकी सोशल मीडिया टीम के खिलाफ भी कोई एफआईआर दर्ज किया जाएगा, क्योंकि कानून तो सबके लिए बराबर होता है।
कल शाम को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की तरफ से एक ब्लंडर कर दिया गया हैं।
जमुई में पीड़ित छात्रा और उसका परिवार मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचा था, जिसकी फोटो सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के हैंडल से पोस्ट कर दी गई।
जबकि POCSO में पीड़ित की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन अपराध… pic.twitter.com/d83yCSdTv7
— Prem Bhardwaj (@premkumarcbn01) September 25, 2026
वहीं दूसरी ओर पीड़ित छात्रा के साथ उसकी मां ने मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि “हम कार्रवाई से संतुष्ट हैं। साथ ही कहा कि 48 घंटे के भीतर एनकाउंटर हुआ तो इससे हम लोगों को बहुत खुशी मिली। मां ने कहा कि उनकी बेटी के साथ जो हुआ उसके बाद एक्शन लिया गया। पहले तो तीन को पकड़ गया. इसके बाद जो मुख्य आरोपी था, उसका एनकाउंटर भी हुआ है। सरकार की कार्रवाई से हम बहुत खुश हैं।”
#WATCH पटना: जुमई की घटना में पीड़िता की मां ने कहा, "24-48 घंटे के अंदर तीन आरोपियों को पकड़ा और मुख्य अपराधी का एनकाउंटर भी हुआ। मुख्यमंत्री ने हमें बुलाया और बेटी की पढ़ाई और सुरक्षा का आश्वासन दिया। उनसे मिलकर अच्छा लगा। हम कार्रवाई से बहुत संतुष्ट हैं।" pic.twitter.com/fca3AK9asY
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 24, 2026
बेटी की सुरक्षा और पढ़ाई का आश्वासन
मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत के बारे मां ने कहा, "मुख्यमंत्री ने हम लोगों को बुलाया था। जो भी हमने कहा, सभी पर उन्होंने आश्वासन दिया है। बेटी की सुरक्षा और पढ़ाई सभी का आश्वासन मुख्यमंत्री ने दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी बेटी, मेरी है। निश्चिंत रहिए, मुख्यमंत्री से मिलकर बहुत अच्छा लगा।"साथ ही उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग करते हुए कहा, "मेरी बेटी के साथ जो हुआ, वो और किसी बेटी के साथ न हो। जिस तरह से मेरी गिड़गिड़ा रही थी, उसी तरह से वो बदमाश भी गिड़गिड़ाए। मुख्यमंत्री ऐसा कुछ करें जिससे बदमाशों में खौफ हो।"
क्या था पूरा मामला?
बता दें कि यह घटना 19 सितंबर को सामने आई थी, जब नाबालिग से छेड़छाड़ का एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और मंगलवार (22 सितंबर) को मुठभेड़ (एनकाउंटर) के दौरान दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया।
कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी हरेराम यादव जो वायरल वीडियो में मुंह पर गमछा बांधे नजर आ रहा था भागने की कोशिश में घायल हो गया, जबकि दूसरे आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगी। इससे पहले पुलिस तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर चुकी है।






