CBI टीम के HEC मुख्यालय पहुंचने पर मचा हड़कंप, अफसर मिले गायब, 28 करोड़ का हुआ बंदरबांट, घंटों कागजात खंगाले गए

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June 29, 2024

CBI टीम के HEC मुख्यालय पहुंचने पर मचा हड़कंप, अफसर मिले गायब, 28 करोड़ का हुआ बंदरबांट, घंटों कागजात खंगाले गए

रांची: सीबीआई की टीम शनिवार को हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के रांची स्थित मुख्यालय पहुंची। सीबीआई की टीम के एचईसी पहुंचने के बाद ही हड़कंप मच गया। जब टीम वहां पहुंची तो एचईसी के अधिकारी ऑफिस से गायब मिले। ठेका श्रमिकों के आंदोलन की वजह से अधिकारी ऑफिस नहीं जा रहे है। CBI ने मुख्यालय में सीएमडी कार्यालय, वित्त निदेशक सहित कई कार्यालय में दस्तावेज खंगाले। टीम अपने साथ कुछ दस्तावेज भी ले गई है। इससे पहले जून 2023 में सीबीआई की विशेष टीम एचईसी मुख्यालय आई थी। प्रबंधन से जमीन आवंटन, लीज पर दिए गए भवन, इंजीनियरिंग सुविधा केंद्र आदि से संबंधित दस्तावेज अपने साथ ले गई थी। सीबीआई कई मामलों की जांच एक साथ कर रही है। जिसमें जमीन आवंटन, भवन को लीज पर देने, ठेका श्रमिकों के नाम पर करोड़ों का अवैध भुगतान सहित अन्य शामिल है।

सीबीआई पूर्व सीएमडी अभिजीत घोष सहित अन्य पांच अफसरों से पूछताछ भी करेगी। एचईसी प्रबंधन ने निजी कंपनियों को अपने 9 भवन और जमीन लीज पर दिया है। इन भवनों का आवंटन वर्ष 2016 से 2017 के बीच हुआ है। आवंटन के इस खेल में एचईसी के अफसरों ने करोड़ों रुपए की कमाई की है। ऐसी शिकायत सेंट्रल विजिलेंस आफिस दिल्ली को मिली थी। एचईस् के पूर्व सीवीओ दीपक कुमार ने भी प्रबंधन द्वारा लीज में गड़बड़ी की जानकारी दी थी। सीवीओ ने सीबीआई से पूरे मामले की जांच करने का आग्रह किया था। उसके बाद सीबीआई ने जांच शुरू किया।

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अफसरों ने किया 28 करोड़ का बंदरबांट

एचईसी के तत्कालीन सीएमडी अभिजीत घोष ने कंपनी को योजनावद्ध तरीके से करोड़ों का नुकसान पहुंचाया है। सीएमडी पद छोडने से पहले अभिजीत घोष ने 28 करोड़ रुपए का बंदरबांट किया। इस बंदरबांट में एचईसी दिल्ली साइट आफिस के तत्कालीन अफसर नवीन कुमार ने भी अहम भूमिका निभाई थी। अबतक की सीबीआई जांच में यह बातें सामने आ चुकी है। जांच में पता चला है कि एचईसी अफसरों ने भारी उद्योग मंत्रालय और सार्वजनिक उद्यम विभाग को अधूरी जानकारी देकर 16 करोड़ का आर्थिक सहयोग ले लिया। आर्थिक संकट के दौर से गुजर रही कंपनी के खाते से तत्कालीन सीएमडी ने 8 करोड़ रुपए इंजीनियरिंग सुविधा केंद्र खोलने के नाम पर निकाल लिया।

केंद्र संचालन की कार्रवाई शुरु हुई, तब खर्च और संचालित केंद्र दिखाने के लिए तत्कालीन सीएमडी अभिजीत घोष ने 23 नवंबर 2017 को आपाधापी में केंद्र का उद्घाटन कर दिया। मुख्यालय में इंजीनियरिंग केंद्र के कार्यालय सुंदरीकरण के नाम पर करोड़ों खर्च कर दिए। जबकि इस केंद्र का संचालन हटिया स्थित निफ्ट में होना था। रिटारमेंट से कुछ दिन पहले ही अभिजीत घोष ने केंद्र का उद्घाटन किया था। कुछ दिनों के बाद केंद्र बंद हो गया। केंद्र में पोस्टेड अफसर भी अचानक गायब हो गए। वर्तमान में केंद्र के लिए खरीदे गए कई उपकरण मुख्यालय में लावारिश हालत में पड़े हुए है। सीबीआई उन सामानों का लिस्ट बनाकर ले गई है।

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अभिजीत घोष के कार्यकाल में आवंटित भवन

एचईसी हाईस्कूल धुर्वा, राजेंद्र भवन सेक्टर-2, एचईसी कम्यूनिटी हॉल लायंस क्लब, टेंपररी शेड बिल्डिंग सेक्टर-2, आर्टिजन होस्टल, वीर कुंवर सिंह हॉल धुर्वा, पूर्व सैनिक ऑफिस परिसर, पटेल स्कूल व सर्वेंट क्वाटर सेक्टर टू।

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