Breaking News: हजारीबाग के विष्णुगढ़ में बेटे की अच्छी सेहत के लिए नाबालिग बेटी की दे दी नरबलि, मां और भगतिनी गिरफ्तार

Breaking News: Minor daughter sacrificed for son's health in Vishnugarh, Hazaribagh; mother arrested

हजारीबाग: जिले के विष्णुगढ़ में नाबालिक की हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है । पुलिस के मुताबिक नरबलि दी गई थी और मां ने ही अंधविश्वास के चक्कर में आकर बेटी की हत्या कर दी । इस मामले में पुलिस ने नाबालिक की मां रेशमी देवी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है । इस हत्याकांड पर बीजेपी सरकार पर जबरदस्त ढंग से हमलावर थी जिसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए बड़ा खुलासा किया है । 

विष्णुगढ़ में हुई थी नाबालिक की हत्या

गौरतबल है कि  हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अतंर्गत ग्राम कुसुम्भा में 24 मार्च को मंगला जुलूस की रात क नाबालिक बच्ची का निर्मम हत्या हुई थी । और अगले दिन 25 मार्च की सुबह 08.30 बजे विष्णुगढ़  कुसुम्बा ग्राम के मिडिल स्कूल के पीछे मैदान में बांस झाड़ी के पास एक बच्ची का शव मिता था जिसके बाद मां रेशमी देवी ने गांव के धनेश्वर पासवान और अन्य के खिलाफ रेप के बाद हत्या का मामला दर्ज कराया था ।

नागरगोजे शुभम भाउसाहेब ने की जांच शुरु

⁠काण्ड की गंभीरता को देखते  अभियुक्तों की गिरफ्तार के लिए डीजीपी तदाशा मिश्रा के निर्देश पर नागरगोजे शुभम भाउसाहेब के नेतृत्व मेंS.I.T टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने जैसे-जैसे सबूत जुटाने इकट्ठा किए चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे । पुलिस को जांच में पता चला कि इस मामले में पचपन साल की भगतिनी या तंत्र-मंत्र करने वाली शांति देवी की बड़ी भूमिका है।

मां रेशमी देवी जाती थी भगतिनी के पास

झारखंड पुलिस ने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूछताछ करने पर शान्ति देवी उर्फ भगतिनी द्वारा बताया गया कि मृतिका की माँ रेशमी देवी पिछले एक वर्ष से अपने बेटा सुधीर कुमार सिंह के शारीरिक एवं मानसिक परेशानी को लेकर कई बार इनके पास आते रहती थी तथा अन्य व्यक्तिगत समस्याओं जैसे की भूमि विवाद के लिए भी भगतिनी के पास जाती थी।

भगतिनी शांति देवी ने नरबलि के लिए उकसाया

जानकारी ये भी मिली थी कि पहले भी भगतिनी द्वारा इनके घर को तंत्र मंत्र से बांधा भी गया था। भगतिनी द्वारा मृतिका की माँ को बताया गया था कि बेटे की शारिरीक एवं मानसिक परेशानी को हमेशा के लिए दूर करने के लिए किसी कुँवारी लड़की की बली देनी होगी तथा ये भी बताया कि उसकी छोटी बेटी पर माता सवार रहती है, इसका बली देना अच्छा होगा । भगतिनी के कहने पर मां रेशमी देवी बेटी की बलि देने के लिए तैयार हो गयी। जायं में भी पता चाल कि मृतिका की माँ पिछले तीन महीनों से कई बार भगतिनी के पास आयी थी लेकिन भगतिनी इसके लिए इस बार रामनवमी के अष्टमी के दिन अपनी कुँवारी लड़की को पूजा के लिए साथ लाने के लिए बोली थी।

हजारीबाग में मंगला जुलूस के दिन गायब हुई थी बेटी

पूछताछ में भगतिनी द्वारा बताया गया की मंगला जुलूस (अष्टमी) के दिन दिनांक 24.03.2026 को संध्या करीब 07.00 बजे मृतिका की माँ रेशमी देवी अपने तीनों बच्चों को लेकर मंगला जुलूस में शामिल हुई थी और करीब 7-8 बजे अपनी छोटी बेटी (मृतिका) को साथ लेकर पूजा कराने के लिए भगतिनी के घर आयी थी लेकिन भगतिनी के द्वारा बताया गया कि मुझपर रात्रि 09.00 बजे के बाद अच्छा नक्षत्र में देवास आयेगा तो उसी समय एक अन्य पुरूष के साथ छोटी बेटी को लाने की बात बोली थी चूँकि बलि देने के समय धर-पकड़ करने करने लिए आदमी की जरूरत होती है।

रेशमी देवी ने तंत्र-मंत्र करने के बाद दी बलि

इसके बाद भगतिनी द्वारा बताये गये तय समय करीब 09.30 बजे मृतिका की माँ गाँव के भीम राम के साथ 13 वर्षीय बेटी को को लेकर भगतिनी के घर आयी और पूजा के लिए 251/- रू0 देना था लेकिन मृतिका कि माँ भगतिनी को मात्र 20/- रू0 दी थी। उसके बाद भगतिनी के घर में स्थित मनसा मंदिर में विधिवत तंत्र मंत्र से बच्ची को बैठकार पूजा प्रारम्भ की तथा बच्ची को सिंदूर का टीका एवं काजल वैगरह लगाया गया तथा प्रसाद के रूप में ईलायची दाना खिलाया गया।

हत्या की कहानी सुन खड़े हो जाएंगे रोंगटे

भगतिनी शांति देवी के द्वारा अपने भूत बांधने का स्थान बांसवाड़ी में भीम राम एवं रेशमी देवी मृतिका को साथ लेकर गयी जहाँ पर मृतिका को बैठाया गया एवं उसे जमीन पर सोने के लिए बोला गया। कर्म कांड प्रारम्भ करने से पहले भीम राम और रेशमी देवी के द्वारा पूर्व से लाये एक बोरा का सफेद रंग का अंदर का प्लास्टिक को नीचे जमीन पर बिछा दिया गया और उसी पर मृतिका को सुला दिया गया।। भगतिनी के हाथ में बांस का कॉलिंग स्टीक थी जिसे भगतिनी के द्वारा मृतिका के शरीर पर लेटी अवस्था में चोरों तरफ घुमाया गया और बोला गया कि मुझपर देवास आ गया है हमको इस कुँवारी लड़की का खून चाहिए। इसी पर भीम राम द्वारा बच्ची का गला घोंट दिया गया और छटपटाने पर मृतिका की माँ द्वारा उसका दोनो पैर को पकड़ लिया गया।

मौत के बाद गुप्तांग में बांस डाला गया

जब उन्हे लगा की बच्ची का मृत्यु हो गयी है तब भगतिनी के द्वारा कॉलिंग स्टीक उसके शरीर पर चारों तरफ घुमाया गया और भगतिनी के इशारे पर उसकी माँ के द्वारा पैंट को कमर से नीचे जांघ तक घिसका दिया गया तथा भगतिनी के द्वारा मंत्र पढ़ते हुए कॉलिंग स्टीक को उसके गुप्तांग में जबरदस्ती प्रवेश करा दिया गया। साथ ही भगतिनी के बोलने पर भीम राम के द्वारा पूजा के लिए खून हेतु अपने साथ लाये पत्थर से सिर पर मारने लगा जिससे सिर फट गया और चेहरा खून से लथपथ हो गया। उसी खून से भगतिनी के द्वारा मृत शरीर पर खून से पुताई करते हुए पूजा किया गया एवं खून को अंजूली में भगतिनी के द्वारा ले जाकर अपने मनसा मंदिर के पूजा स्थल पर छिड़का गया।

हजारीबाग में रामनवमी के त्यौहार के मौके पर जिस तरह दिल दहला देने वाली ये घटना हुई उसने पूरे झारखंड को हिला दिया था । रेप के बाद हत्या की आशंका के बाद इसे झारखंड की निर्भया कांड बताया जा रहा था । पुलिस ने इस मामले में जिस तरह से खुलासा किया है उसने पूरे मामले की दिशा को ही बदल दिया है ।

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