डेस्कः मंगलवार को बिहार में आर्थिक अपराध इकाई(EOU) ने किशनगंज SDPO और सहरसा DRDO निदेशक के करीब एक दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की। आर्थिक अपराध इकाई ने एसडीपीओ गौतम कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। उन्होंने पत्नी के नाम चार, महिला मित्र शगुफ्ता शमीम के नाम सात और सास व बेटे के नाम भी भूखंड खरीदे। पूर्णिया में आलीशान मकान और महंगी गाड़ियां भी मिलीं।

बिहार के 2 लोक सेवकों पर EOU का शिकंजा,किशनगंज SDPO और सहरसा DRDO निदेशक के ठिकानों पर छापेमारी
किशनगंज में पुलिस उपाधीक्षक के रूप में तैनात गौतम कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई ने जो प्राथमिकी दर्ज की है, उसमें इस बात का खुलासा हुआ है।आर्थिक अपराध इकाई की जांच में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि किशनगंज डीएसपी गौतम कुमार दूसरे के नाम पर निर्गत दो मोबाइल सिम का उपयोग कथित रूप से अपने अवैध कारोबार को संचालित करने के लिए कर रहे हैं।गौतम कुमार की वर्ष 1994 में बिहार पुलिस में सीधी नियुक्ति अवर निरीक्षक के पद पर हुई तत्पश्चात प्रोन्नति के उपरांत 2013 में पुलित्त निरीक्षक एवं 2019 में पुलिस उपाधीक्षक पद पर योगदान दिया। वर्तमान में वे अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-1, किशनगंज के रूप में पदस्थापित थे।गौतम कुमार पिता स्व. परमेश्वर रजक, पटना जिला के मूल निवासी हैं। गौतम कुमार की शादी श्रीमती रूबी कश्यप, पिता जगनाथ राम, मोहल्ला मधुबनी, थाना- के हाट, जिला पूर्णिया में हुई है जो वर्ष 1999 में नियुक्त शिक्षिका हैं और अभी मध्य विद्यालय मधुबनी कॉलोनी, पूर्णिया सदर, जिला पूर्णिया में पदस्थापित हैं। उनकी जन्मतिथि 10.10.1973 है।गौतम कुमार एवं रुबी कश्यप को तीन पुत्र क्रमशः सिद्धार्थ गौतम, सिद्धांत गौतम एवं राघव कश्यप हैं जो उन पर अभी आश्रित हैं।
गौतम कुमार द्वारा एक लोकसेवक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने भ्रष्ट आचरण से अपनी ज्ञात/वैध आय के श्रोत से काफी अधिक परिसंपति अर्जित की गई हैं तथा इस क्रम में पूर्णिया शहर में एक विशाल मकान तथा पूर्णिया के डगरुआ में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे लगभग तीन बीघा व्यावसायिक/आवासीय/कृषि भूमि की खरीद अपने एवं अपने सगे सम्बन्धियों एवं मित्रों के नाम पर बेनामी रूप से की गई हैं।
वे महंगे वाहनों के शौकीन हैं एवं कई महंगे वाहन उनके तथा उनके परिजनों द्वारा दूसरे के नाम पर खरीद कर उपयोग में लाया जा रहा है। उनके द्वारा दूसरों के नाम से लिए गए फर्जी सिम का उपयोग किया जाता था। वर्तमान में यह मोबाइल संख्या 9199807618, 9931889453 है जो दूसरे के नाम पर है।उन्होंने अपनी महिला मित्र शगुफ्ता शमीम पिता स्व शमीम अख्तर, झंडा चौक, लाइन बाजार, पूर्णिया के नाम पर कई आवासीय एवं व्यवसायिक भूखंड की खरीद कर रखी है।

बिहार के नालंदा में सरेआम महिला से छेड़खानी, RJD ने VIDEO पोस्ट कर सरकार पर बोला हमला
जांच में हुआ खुलासा, दूसरे के नाम भूखंड खरीद बेटे को दिलाया उपहार
आर्थिक अपराध इकाई की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि डीएसपी गौतम कुमार ने दूसरे के नाम से भूखंड खरीद कर अपने पुत्र के नाम पर उक्त भूखंड उपहार में प्राप्त दिखा दिया। इस सम्पति को गौतम और उनकी पत्री रुबी कश्यप अपनी सम्पति की वार्षिक घोषणा में पूर्व से दर्शाते रहे हैं।आर्थिक अपराध द्वारा दर्ज प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि उनके द्वारा सिलीगुड़ी, गंगटोक, गुडगांव, पुणे आदि स्थानों में भी सम्पति में निवेश किया गया है। इसके सम्बन्ध में जांच किये जाने पर पता चल सकता है।
डीएसपी गौतम कुमार पूर्णिया में डगरुआ थानाध्यक्ष के पद पर रहे हैं एवं उक्त थानान्तर्गत काफी भूखंड उन्होंने अपने एवं अपनी पत्नी, सास, एवं शगुफ्ता शमीम नामक अपनी महिला मित्र के नाम से खरीद किया है। उक्त भूखंड बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर निबंधित कराई गई है।
इसी प्रकार उन्होने पूर्णिया शहर में वर्ष 2012 में अनिल सिंह पिता स्व क्षत्रधारी सिंह के नाम पूर्णिया शहर के मधुबनी मोहल्ला में तीन कट्ठा आवासीय भूखंड, जिसका खाता संख्या 1136 खरीद किया एवं पुनः उक्त भूखंड को वर्ष 2021 में अपने पुत्र सिद्धार्थ गौतम के नाम से उपहार के रूप में प्राप्त किया बता दिया है।इस भूखंड से सटे इसी प्लॉट में उन्होंने स्वयं तथा पत्नी के नाम से भी वर्ष 2015 में एक अन्य भूखंड रकवा 04 कट्टा खरीद किया है। दोनों प्लॉट को मिलाकर लगभग 4000 वर्ग फीट क्षेत्रफल में एक आलीशान चार मंजिला मकान का निर्माण कराया गया है जिसमें उनका परिवार रहता है।उक्त भवन का निर्माण लागत लगभग दो करोड़ अनुमानित है। इसी प्रकार उनके द्वारा अपनी सास पूनम देवी के नाम 2015 में दो प्लॉट एवं 2021 में एक प्लॉट सहित कुल तीन प्लॉट की खरीद की गई है।
SDPO ने महिला मित्र के खाते में कई बार भेजी मोटी रकम
आर्थिक अपराध इकाई द्वारा दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि डीएसपी गौतम कुमार ने अपनी महिला मित्र शगुफ्ता शमीम, पिता स्व शमीम अख्तर के बैंक खातों में काफी धन राशि नकद/इलेक्ट्रोनिक माध्यम से ट्रान्सफर किया है।साथ ही शगुफ्ता शमीम के नाम पर वर्ष 2019 से वर्तमान समय तक राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे कुल सात आवासीय/कृषि भूमि की खरीद की गई है। जिसका वर्तमान में बाज़ार मूल्य करोड़ों रुपये में है। उक्त भूखंड के निबंधन में नकद राशि का भुगतान किया गया है।
गौतम कुमार के पास एक हुंडई क्रेटा एवं दो महिंद्रा थार वाहन हैं। जिनका नंबर कमशः बीआर 37 एई -5757 (स्वयं के नाम पर), महिंद्रा बार वाहन संख्या बीआर 37 एएच 5757 (प्रकाश राय के नाम पर) एवं महिंद्रा थार वाहन संख्या -बीआर 11 बीबी-7973 (सास पूनम देवी के नाम पर) है जिसका उपयोग ये स्वयं, इनकी पत्नी व पुत्र करते हैं।सत्यापन से यह भी ज्ञात हुआ है कि उनलोगों के बैंक खाते में काफी राशि नकद जमा कराई गई है जिसका चेन ट्रान्सफर करते हुए उन्हें अलग-अलग खातों में भेज कर सम्पति का धनशोधन कर उनसे वैध बनाने का प्रयास किया गया है।इस बात के भी साक्ष्य प्राप्त हुए हैं कि खरीद की गई सम्पति को वैध बनाने के उद्देश्य से दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते एवं मोबाइल नंबर का उपयोग किया गया है।
एनएच किनारे की जमीन का कम वैल्यू बता कराया निबंधन
डीएसपी द्वारा खरीद की गई सभी भूखंड आवासीय/व्यावसायिक प्रकृति के भूखंड हैं जो राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे हैं। जिसका बाजार मूल्य निबंधन दस्तावेज में अंकित मूल्य से काफी ज्यादा है।


