डेस्कः अपने अनोखे अंदाज और अजीबोगरीब हरकत के लिए जाने जानेवाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर से विवाद में है। इस बार विवाद पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की तस्वीर को लेकर है। ट्रंप और बाइडेन के बीच जारी छत्तीस के आंकड़े का प्रभाव व्हाइट हाउस तक जा पहुंचा है जहां वेस्ट विंग के बाहर वॉकवे में पूर्व राष्ट्रपति की ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें लगाई गई हैं, लेकिन लेकिन इस प्रेसिडेशियल वॉक ऑफ फेम पर नजर डालेंगे तो बाइडेन का पोर्ट्रेट देखकर दंग रह जाएंगे।
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व्हाइट हाउस में रोनाल्ड रीगन से लेकर बराक ओबामा तक रिपब्लिकन से लेकर डेमोक्रेटिक तक सभी पूर्व राष्ट्रपतियों के पोर्ट्रेट हैं। लेकिन बाइडेन की तस्वीर की जगह ऑटोपेन की तस्वीर लगाई गई है।
The Presidential Walk of Fame has arrived on the West Wing Colonnade
Wait for it… 🖊️👀 pic.twitter.com/ApWfdxfFQa
— Margo Martin (@MargoMartin47) September 24, 2025
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बाइडेन का ऑटोपेन से क्या है कनेक्शन?
ऑटोपेन एक स्वचालित यांत्रिक या डिजिटल डिवाइस है जो किसी व्यक्ति के हस्ताक्षर को ऑटोमैटिकली एप्लाई करता है। यह एक रोबोटिक आर्म या प्रोग्राम्ड पेन के जरिए काम करता है, जो मूल हस्ताक्षर का डिजिटल पैटर्न स्टोर करके उसे कागज पर उसी तरह बनाता है।बाइडेन के मामले में डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि बाइडेन की शारीरिक क्षमताओं को छिपाने के लिए ऑटोपेन का दुरुपयोग किया गया, जिससे महत्वपूर्ण निर्णय बिना उनकी जानकारी के लिए लिए गए।
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बाइडेन के कार्यकाल के अंतिम महीनों में उन्होंने 4,000 से अधिक लोगों को क्षमादान देने और सजा कम करने के लिए ऑटोपेन का इस्तेमाल किया। यह संख्या इतनी बड़ी थी कि व्यक्तिगत रूप से साइन करना असंभव था।
ट्रंप ने जनवरी 2025 में कहा कि बाइडेन की ओर से दी गई ये क्षमादान को कोई मूल्य नहीं है क्योंकि इन दस्तावेजों पर ऑटोपेन से साइन किए गए थे और बाइडेन को इनके बारे में कुछ भी पता नहीं था। ट्रंप ने इसे बाइडेन की मानसिक अक्षमता को छिपाने की साजिश बताया।
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बाइडेन ने जुलाई 2025 में न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा था कि उन्होंने सभी निर्णय मौखिक रूप से लिए थे और ऑटोपेन सिर्फ साइनिंग के लिए इस्तेमाल किया गया। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार,अमेरिकी कानून में ऑटोपेन से साइन की गई क्षमाएं या एक्जीक्यूटिव ऑर्डर पूरी तरह वैध हैं। ट्रंप के कार्यकाल में भी इसका इस्तेमाल हुआ था।


