पटनाः मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से गुरुवार को बड़ी राहत मिली। आरजेडी नेता दुलालचंद यादव हत्याकांड में उन्हें हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है।दुलारचंद यादव मर्डर केस में वे बेऊर जेल में बंद थे। अब कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके जल्द रिहा होने की संभावना है।
कब तक जेल से बाहर आएंगे?सूत्रों के मुताबिक, सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अनंत सिंह 20 या 21 मार्च तक जेल से बाहर आ सकते हैं। उनकी रिहाई को लेकर समर्थकों के बीच उत्साह बढ़ता जा रहा है।
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समर्थकों में जश्न का माहौल
जमानत की खबर मिलते ही मोकामा और आसपास के इलाकों में उनके समर्थकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई है। लंबे समय से उनकी रिहाई का इंतजार कर रहे लोग अब उनके स्वागत की तैयारी में जुट गए हैं।
राज्यसभा चुनाव में दिखा था असर
हाल ही में राज्यसभा चुनाव के दौरान अनंत सिंह जेल से बाहर आकर वोट देने पहुंचे थे। उस समय भी उनकी मौजूदगी ने सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी थी।
परिवार की राजनीति में एंट्री के संकेत
वोटिंग के दौरान ही उन्होंने संकेत दिए थे कि अब उनका परिवार भी सक्रिय राजनीति में आएगा। उनके इस बयान को आने वाले चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।अनंत सिंह ने राज्यसभा चुनाव के बाद जेल जाने के दौरान मीडिया से बातचीत में कहा था कि अब वो आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे, उनका बड़ा बेटा अब आने वाले चुनाव में उनकी जगह मोकामा का प्रतिनिधित्व करेगा।
मर्डर केस से जुड़ा है मामला
दुलारचंद यादव की हत्या 2025 विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी। इसी मामले में अनंत सिंह को आरोपी बनाया गया था। जेल में रहते हुए भी उन्होंने चुनाव जीता, जिससे उनकी राजनीतिक पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है।
रिहाई के बाद बढ़ेगी सियासी हलचल
विश्लेषकों का मानना है कि अनंत सिंह की रिहाई से मोकामा और आसपास की राजनीति में नई हलचल देखने को मिलेगी। खासकर आगामी चुनावों से पहले यह घटनाक्रम अहम माना जा रहा है।
निष्कर्ष: जेल से बाहर, राजनीति में फिर सक्रियता
अनंत सिंह की जमानत सिर्फ कानूनी राहत नहीं, बल्कि एक बड़ा सियासी संकेत भी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जेल से बाहर आने के बाद वे किस तरह अपनी राजनीतिक भूमिका को आगे बढ़ाते हैं।









