वेनेजुएला में तख्तापलट को अभी एक महीना भी नहीं बीता है कि अब अमेरिका की नजर कैरेबियन देश क्यूबा पर जा टिकी है। ट्रंप ने क्यूबा पर हमले की धमकी दी है, जिसके बाद क्यूबा में अफरा-तफरी मच गई है। युद्ध के डर से क्यूबा के पेट्रोल पंप से लेकर राशन की दुकानों पर लोगों की लंबी लाइन लग गई है।
दरअसल वेनेजुएला, क्यूबा का सबसे बड़ा तेल का सप्लायर है। ऐसे में ट्रंप का कहना है कि एक बार वेनेजुएला क्यूबा को तेल और पैसा देना बंद कर देगा, तो क्यूबा की सरकार अपने आप गिर जाएगी।
ट्रंप ने दिया अल्टीमेटम
3 जनवरी 2025 को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर हमला करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद से ट्रंप क्यूबा को लगातर धमकी दे रहे हैं।

ट्रंप ने कहा कि क्यूबा में जल्द ही सरकार गिरने वाली है। क्यूबा तख्तापलट के बेहद करीब है। आपको पता है कि उन्हें वेनेजुएला से पैसे और तेल मिलता था। अब ये बंद होने वाला है।
वेनेजुएला में तख्तापलट के बाद उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम राष्ट्रपति बनाया गया है। ट्रंप का कहना है कि अब वेनेजुएला की सरकार अमेरिका के इशारों पर काम करेगी। वहीं, अमेरिकी मानवाधिकार संगठन ने काराकास पर अमेरिकी हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया है।

ट्रंप ने क्यूबा के सामने समझौता करने की पेशकश की थी। मगर, ट्रंप की धमकियों पर प्रतिक्रिया देते हुए क्यूबा के राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है कि हम अमेरिका के सामने घुटने नहीं टेकेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका जबरदस्ती क्यूबा पर दबाव नहीं बना सकता है।


