नामकुम जमीन घोटाले में ACB रेस, तत्कालीन CO श्वेता वर्मा और कर्मी रडार पर

Picture of Live Dainik

Live Dainik

July 20, 2026

नामकुम जमीन घोटाले में ACB रेस, तत्कालीन CO श्वेता वर्मा और कर्मी रडार पर

रांचीः झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर नामकुम अंचल में भूमि संबंधी कथित गड़बड़ी की जांच एसीबी ने तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर ACB ने पीई दर्ज की है। अपनी गोपनीय जांच (आइआर) में घोटाले और बड़ी गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद एजेंसी ने प्रारंभिक जांच (पीई संख्या 3/2026) दर्ज की है। ACB ने नामकुम की तत्कालीन अंचल अधिकारी (CO) डॉ. श्वेता वर्मा, तत्कालीन डीलिंग असिस्टेंट दीपक कुमार समेत अन्य के विरुद्ध 15 जुलाई को पीई दर्ज कर अपनी जांच तेज कर दी है। इसके लिए एजेंसी ने बीते आठ मई को ही सरकार से अनुमति मांगी थी।
गहरी थी महाघोटाले की जड़ें
इस महाघोटाले की जड़ें काफी गहरी हैं, जिसके चलते ACB ने साल 2012-13 से लेकर 2014-15 तक नामकुम अंचल में तैनात रहे कई अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने रडार पर ले लिया है।अगले सप्ताह से एजेंसी एक-एक कर इन सभी संदिग्धों को तलब कर पूछताछ शुरू करने जा रही है। सरकारी और अदालती दस्तावेज के अनुसार, यह पूरा विवाद रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के ग्राम-डुंडू स्थित खाता नंबर 32, प्लाट नंबर 776, 820, 821 और 822 (कुल रकबा 1.22 एकड़) जमीन से जुड़ा है।परिवादी के अनुसार, उनकी माता ने तीन अलग-अलग पंजीकृत विक्रय विलेखों के जरिए कुल 5.93 एकड़ जमीन खरीदी थी और वे इस पर शांतिपूर्वक खेती कर रही थीं।
इसका पंजीकरण संख्या-23R/1978-79 है। माता की मृत्यु के बाद उनके भाइयों के बीच बंटवारा हुआ और वे इसके वैध उत्तराधिकारी बने। 17 अगस्त 2016 को परिवादी को अंचल कार्यालय से दोहरी जमाबंदी का एक नोटिस मिला।अंचल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उसी जमीन पर ‘प्रकाश कमर्शियल प्रा०लि०’ के नाम पर एक नई जमाबंदी खोल दी गई है।

See also  नेपाल में भारी बारिश से उत्तर बिहार के डूबने का डर, 50 साल बाद स्थिति हुई इतनी भयावह, कोसी बराज पर चढ़ा पानी
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now