रांची का बुंडू क्षेत्र अवैध बालू तस्करी गतिविधि का प्रमुख केंद्र हैं। इस खेल में कई नाम है। तथाकथित नाम आनंद साहू का सामने आ रहा है। जो इस खेल का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।प्रतिदिन 200 हाइवा 300 ट्रैक्टर अवैध बालू रांची और आसपास के क्षेत्र में जाता है।
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सूत्रों के अनुसार, रात 8 बजते ही बुंडू ओर सोनाहातू के कांची नदी से बड़े पैमाने पर बालू का अवैध उठाव शुरू हो जाता है। ओर सुबह 4 बजे तक बालू का उठाव होते रहता है। ट्रैक्टर और हाईवा जैसे भारी वाहनों के जरिए बालू को राजधानी रांची लाया जाता है। शहर में कई जगहों पर अस्थायी डंपिंग यार्ड बनाकर बालू को संग्रहित किया जाता है, जहां से बाद में अलग-अलग इलाकों में इसकी सप्लाई की जाती है।
रांची के बुंडू में अवैध बालू तस्करी का बड़ा नेटवर्क, प्रशासन पर उठे सवाल, संबंधित अधिकारी कथित तौर पर रात में “अदृश्य” हो जाते हैं@ranchipolice #jharkhand #ranchi pic.twitter.com/80tUa1OEWo
— Live Dainik (@Live_Dainik) April 12, 2026
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों के जरिए यह तस्करी हो रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग—खनन पदाधिकारी, अंचल अधिकारी (सीओ) और जिला परिवहन विभाग (DTO)—इस पर प्रभावी कार्रवाई करते नजर नहीं आते। रात के समय जब तस्करी चरम पर होती है, तब संबंधित अधिकारी कथित तौर पर “अदृश्य” हो जाते हैं।बुंडू टोल प्लाजा के पास तैनात पीसीआर वैन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।इस स्तर पर अवैध खनन और तस्करी की स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।


