डेस्कः दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह हुआ अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा इंतजामों की लापरवाही का एक ऐसा खौफनाक मंजर था जिसने हर किसी की रूह कंपा दी। जब इमारत के भीतर आग की लपटें तांडव मचा रही थीं और चारों तरफ धुआं फैल रहा था, तब अंदर मौजूद लोगों के पास भागने का कोई रास्ता नहीं था।इस दर्दनाक हादसे में कुल 21 लोग हताहत हुए हैं, जिनमें से कई लोगों की तड़पकर जान चली गई।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक आधिकारियों ने बताया कि इस अग्निकांड में 18 लोगों की मौत हुई है।होटल आग में जलकर पूरी तरह खाक हो गया है।इस बीच दमकलकर्मियों ने कुल 37 लोगों को होटल से निकाला है। दिल्ली दमकल विभाग ने बताया कि दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में एक रेस्तरा में आग लगने की सूचना मिली थी। सुबह पौने 10 बजे आग लगने की सूचना मिली थी।
मालवीय नगर अग्निकांड पर कई लोगों की जान बचाने वाले हौज रानी गांव के निवासी वसीम राजा ने कहा, “जैसे ही शॉर्ट सर्किट हुआ, हम यहां पहुंच गए।हम सबसे पहले मौके पर पहुंचने वालों में थे।यहां एक गद्दों की दुकान है, जिसे नुकसान पहुंचा था।हमने वहां से गद्दे निकालकर सड़क पर बिछाए ताकि इमारत से कूद रहे विदेशी नागरिकों की जान बचाई जा सके। इसके कुछ ही देर बाद दिल्ली फायर सर्विस और दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। हमने इमारत के अंदर से कई विदेशी नागरिकों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला। गांव के लोगों ने अग्निशमन कर्मियों और पुलिस के साथ मिलकर कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। कांच लगने के कारण हमारे पैरों में भी चोटें आई हैं।”
Flourish Inn होटल में ज्यादातर विदेशी रुके थे
हौजरानी की तंग गलियों में बने इस होटल के बेसमेंट में रेस्टोरेंट था। स्थानीय निवासियों के मुताबिक पांच मंजिला इस होटल में करीब 25 कमरे थे जिसमें 50 से ज्यादा लोग रुके थे। इसमें ज्यादातर विदेशी थे जो बाहर से इलाज कराने के लिए आए थे। जब होटल में आग लगी थी तब ज्यादातर लोग सोए हुए हुए थे।बताया जा रहा है कि मरने वाले सभी लोग अस्पतालों में भर्ती मरीजों के अटेंडेंट थे।
रेस्टोरेंट से फैली आग, सोते में ही घिरे लोग
अधिकारियों के मुताबिक, आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर बने ‘फ्लरिश रेस्टोरेंट’ से हुई थी, जिसने देखते ही देखते पूरी पांच मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। जब यह हादसा हुआ, तब होटल के 25 कमरों में करीब 40 मेहमान मौजूद थे और उनमें से ज्यादातर लोग सो रहे थे। अचानक फैले धुएं और लपटों के कारण उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला।
रेस्टोरेंट के शेफ ने बताया आग कितनी भयानक थी
होटल के रेस्टोरेंट में काम करने वाले शेफ केसर सिंह ने बताया कि सुबह का वक्त था करीब आठ बजे जैसे ही उसने इलेक्ट्रिक चूल्हे को जलाने की कोशिश की तो आग एकाएक भड़क उठी थी पता चला कि आग पहले से होटल में लगी थी मैंने तुरंत अपने असिस्टेंट को बोला कि होटल में आग लगी है। मैं बाहर आता तो देखा कि होटल जल रहा था। मैं किसी तरह वहां से बचकर निकला। खुद केसर नेगी बताते हैं कि इस हादसे में कई लोगों की मौत हो सकती है।


