2 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया सिंचाई विभाग का जेई, कार से भी लाखों रुपये बरामद

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यूपी के मेरठ में विजिलेंस टीम ने सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर को मंगलवार दोपहर दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। निर्माण कार्य के भुगतान के लिए ठेकेदार से बतौर कमीशन तीन लाख रुपये मांगे गए थे, जिसमें से दो लाख मंगलवार को दिए गए। आरोपी की कार से आठ लाख रुपये की अतिरिक्त रकम समेत कुल 10 लाख रुपये बरामद हुए हैं।

गंगानगर के रहने वाले धर्म सिंह की डीएस कांट्रेक्टर नाम से फर्म रजिस्टर्ड है। फर्म का काम उनका बेटा अंकुर सिंह देखता है। अंकुर की फर्म ने मछरी माइनर पर काम दिसंबर 2025 में पूरा कर दिया था। इसकी एवज में 4.32 लाख रुपये का भुगतान फर्म को सिंचाई विभाग की ओर से किया गया, जबकि 3.71 लाख रुपये बाकी थे। यह रकम रिलीज कराने के लिए ब्रजराज सिंह ने तीन लाख रुपये रिश्वत बतौर कमीशन मांगी थी। अंकुर ने सतर्कता विभाग में शिकायत की, जिसके बाद मंगलवार को ब्रजराज की घेराबंदी की गई।

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दो लाख रुपये लेकर अंकुर दोपहर 12 बजे ब्रजराज सिंह के कार्यालय पहुंचा। रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने जूनियर इंजीनियर ब्रजराज सिंह को गिरफ्तार कर लिया। सर्च में 7 लाख 46 हजार रुपये ब्रजराज की कार और 54 हजार रुपये आरोपी की जेब से भी बरामद किए गए। कुल 10 लाख रुपये आरोपी से बरामद हुए हैं। सिविल लाइन थाने में जूनियर इंजीनियर ब्रजराज के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया है।

गड्डियां गिनकर बैग में रखी विजिलेंस ने दबोच लिया

ब्रजराज ने मंगलवार दोपहर जैसे ही ठेकेदार की दी हुई नोटों की गड्डियों को गिनकर अपने बैग में रखी तभी विजिलेंस टीम ने छापा मारा और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। वीडियोग्राफी शुरू कर दी और ब्रजराज के पास से रिश्वत में ली गई दो लाख की रकम बरामद कर ली। आरोपी को सिविल लाइन थाने लाया गया। सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी को बुधवार को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा।

जेई की पुरानी फाइलें भी खुलीं

आरोपी जूनियर इंजीनियर द्वारा हाल फिलहाल जिन फाइलों को पास किया गया, उनकी जांच शुरू कर दी गई। शाम तक टीम फाइलें खंगालती रही। पता किया जा रहा है काम पूरा होने के बावजूद रिपोर्ट दो बार में क्यों भेजी जा रही थी और किसी अधिकारी ने इसे लेकर आपत्ति क्यों नहीं की। सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर ब्रजराज सिंह के खिलाफ ठेकेदार अंकुर सिंह ने विजिलेंस टीम को शिकायत की थी। बताया उसे मछरी माइनर पर करीब .800 किलोमीटर से 1.60 किमी तक पुर्नस्थापना का काम दिया गया था।

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इस काम के लिए कुल आठ लाख रुपये का भुगतान किया जाना था, लेकिन जूनियर इंजीनियर ब्रजराज ने काफी समय से फाइल लटकाई हुई थी। कमीशन के नाम पर तीन लाख रिश्वत मांगी। जूनियर इंजीनियर ने आधा ही काम पूरा होने की रिपोर्ट बनाकर भेजी थी। इस रिपोर्ट के बाद 4.32 लाख रुपये का भुगतान हो गया था। इसी रकम में से तीन लाख रुपये ब्रजराज मांग रहा था। धमकी दी कि पैसा नहीं दिया तो पेमेंट अगले साल मिलेगा या नहीं भी मिलेगा। विजिलेंस से अंकुर ने शिकायत कर दी, जिसके बाद ऑपरेशन शुरू किया।

कार में मिले 7.46 लाख

मंगलवार को अंकुर को केमिकल लगे नोट देकर विजिलेंस टीम ने कार्यालय अधिशासी अभियंता के कार्यालय में ब्रजराज सिंह के ऑफिस में भेज दिया। टीम ने दो लाख रिश्वत में लेते हुए ब्रजराज को गिरफ्तार कर लिया। ब्रजराज की कार की तलाशी ली तो उसमें से 7.46 लाख रुपये और जेब से 54 हजार रुपये मिले। विजिलेंस टीम दो लाख रुपये बरामद करने गई थी और 8 लाख की रकम बरामद हो गई।

लखनऊ में आला अधिकारियों को सूचना दी गई। एक टीम ने आरोपी के कार्यालय में ही डेरा डाल दिया और तमाम फाइलों को खंगालना शुरू किया। पता किया जा रहा है हाल फिलहाल में किन-किन फाइलों को ब्रजराज ने पास किया था। देखा जा रहा है कि किन अफसरों की भूमिका आरोपी ब्रजराज सिंह के साथ है। शाम करीब 7.30 बजे तक ब्रजराज सिंह के कार्यालय और आवास पर टीम छानबीन में लगी रही।

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