लोहरदगा : एमबी डीएवी विद्यालय लोहरदगा में मंगलवार को विज्ञान, कला एवं शिल्प प्रदर्शनी सह बाल महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और कला कौशल का विकास के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम का नेतृत्व एवं निर्देशन विद्यालय के प्राचार्य जीपी झा ने किया। प्राचार्य जीपी झा ने बताया कि प्रदर्शनी में नर्सरी से लेकर ऊपरी कक्षाओं तक के छात्रों ने सैकड़ों आकर्षक माडल प्रस्तुत किए, जिनमें विज्ञान प्रयोग, पर्यावरण संरक्षण, रोबोटिक्स, कृषि नवाचार, हस्तशिल्प सहित विभिन्न विषयों पर आधारित मॉडल शामिल थे। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि रिटायर्ड आईएएस अधिकारी एवं झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष रतन कुमार उपस्थित हुए, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, डीएवी विद्यालय जोन-ए के एआरओ ओपी मिश्रा, एलएमसी सदस्य चंद्रशेखर भगत, गुमला डीएवी के प्रिंसिपल आरके साहू, लातेहार डीएवी के प्रिंसिपल एसके सहाय, गढ़वा डीएवी के प्रिंसिपल एके. मंडल तथा जवाहर नवोदय विद्यालय जोगना के प्रिंसिपल एके झा शामिल हुए। मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं फीता काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए विविध वैज्ञानिक मॉडल, कला और शिल्प प्रदर्शनी का अवलोकन किया। बच्चों की सृजनात्मकता, विषय की समझ और प्रस्तुति ने अतिथियों को प्रभावित किया।
मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी व झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष रतन कुमार ने कहा इस प्रदर्शनी में बच्चों की प्रतिभा देखकर यह स्पष्ट है कि हमारे बच्चे भविष्य के वैज्ञानिक, कलाकार और नवाचार कर्ता बनने की क्षमता रखते हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को प्रयोग करने, सोचने और नए विचारों को वास्तविक रूप देने का अवसर प्रदान करते हैं। विद्यालय द्वारा दिया जा रहा मंच प्रशंसनीय है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की जिज्ञासा को प्रोत्साहित करें, क्योंकि यही जिज्ञासा उन्हें बड़े लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों के मॉडलों और प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर और एपीजे अब्दुल कलाम के स्कूली जीवन से जुड़ी प्रेरक घटनाएं सुनाते हुए विद्यार्थियों को विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ रहने, जाति-भेद जैसी कुरीतियों से ऊपर उठकर श्रेष्ठ विचार अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में उपस्थित एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा ने कहा कि इस प्रकार की वैज्ञानिक गतिविधियां बच्चों में तार्किक सोच बढ़ाती हैं और उन्हें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए तैयार करती हैं। वहीं, एलएमसी सदस्य चंद्रशेखर भगत ने विद्यालय प्रबंधन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि बच्चे जब अपनी प्रतिभा को मंच पर उतारते हैं, तो उनका आत्मविश्वास कई गुणा बढ़ जाता है।
रंगारंग कार्यक्रमों ने मन मोह लिया
कार्यक्रम का संचालन डीएवी की शिक्षिका ज्योति पांडे ने किया। विद्यालय के संगीत शिक्षक श्रवण कुमार पाठक के निर्देशन में छात्राओं ने मनोहारी गीत-संगीत प्रस्तुत किया। नन्हें बच्चों से लेकर बड़े विद्यार्थियों तक ने एक से बढ़कर एक नृत्य प्रस्तुतियों से उपस्थित दर्शकों का मन जीत लिया। आयोजन में शिक्षिका आरती कुमारी, रीना रितिका, खुशबू कुमारी, पूनम सिंह, दिव्या कुमारी, रजनी प्रसाद, संगीता मित्तल, सोमिता दास, श्वेता कुमारी, रिनी कुमारी और प्रिया कुमारी की भूमिका सराहनीय रही।
प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को मिला सम्मान
जूनियर डीएवी में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्रों को ट्रॉफी प्रदान की गई। एआरओ ओपी मिश्रा ने विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उनके आत्मविश्वास और कौशल को नई दिशा देते हैं। अभिभावकों ने बच्चों की मौलिक सोच और मेहनत की प्रशंसा की।
विद्यालय प्रबंधन ने सभी प्रतिभागियों को सराहा
प्राचार्य जीपी झा ने सभी छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां शिक्षा को रोचक और जीवन परक बनाती हैं। दिनभर चले इस कार्यक्रम में सैकड़ों अभिभावकों ने भाग लिया और अपने बच्चों के नवाचारों को देखकर गर्व महसूस किया। कार्यक्रम का समापन अतिथियों द्वारा उत्कृष्ट मॉडलों के अवलोकन और बच्चों के उत्साहवर्धन के साथ हुआ।












