डेस्कः 4000 करोड़ रुपये में बनी रामायण मूवी का पहला पार्ट सिनेमाघरों में लग चुका है। 3.15 मिनट की इस फिल्म ने एडवांस बुकिंग में ही करोड़ों रुपये कमा लिये है। नमित मल्होत्रा की इस फिल्म को लेकर हर कोई एक्साइटेड नजर आ रहा है। रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी की फिल्म रामायण के पेड प्रीव्यू गुरुवार को सिनेमाघरों में रखे गये है। कई समीक्षकों ने फिल्म की जमकर तारीफ की है, हालांकि कुछ कमियां भी गिनाई है। खासतौर पर अंग्रेजी में डब किए गए वर्जन को लेकर कुछ आलोचनाएं सामने आई हैं।
इस फिल्म को नितेश तिवारी ने डायरेक्ट किया है जो दंगल और छिछोरे जैसी फिल्में दे चुके है। रांची के सिनेमाप्रेमियों को चार दिनों के लंबे वीकेंड के रूप में इसे देखने का मौका मिलेगा। दीपावली और छठमहापर्व को लेकर यूनिवर्सिटी और स्कूलों में छुट्टियों का सिलसिला शुरू हो रहा है। ऐसे में शहर के सिनेमाघरों में फैमिली ऑडियंस और युवाओं का जबदस्त हुजूम उमड़ना तय है। राजधानी के सभी आठ मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन्स में फिल्म की एडवांस बुकिंग की रफ्तार बता रही है कि पहले वीकेंड में रिकार्ड दर्शक जुटने वाले हैं।
3 घंटे 15 मिनट की फिल्म का टिकट 1000 रुपया
राजधानी रांची में फिल्म देखने के लिए हर वर्ग की जेब का ख्याल रखा गया है और टिकट के रेट तय किए गए हैः
सबसे किफायती टिकटः सुजाता पिक्चर पैलेस में मात्र 150 रुपए से टिकट उपलब्ध है।
प्रीमियम लग्जरी अनुभवः पीजेपी सिनेमा रीक्लाइनर का टिकट सबसे ज्यादा 1000 रुपया तक है।
पहला और आखिरी शोः दिन की शुरुआत सबसे पहले सुबह 7.05 बजे मिराज सिनेमा से होगी, जबकि दिन का सबसे आखिरी शो रात 11.55 बजे पीजेपी सिनेमा में शुरु होगा जो तड़के 3.10 बजे तक चलेगा।
रांची शहर का ओवरऑल रिपोर्ट कार्ड
कुल सिनेमाघरः 8, प्रतिदिन कुल शो 92, 3D शो की संख्याः 54, 2D शो की संख्याः 38
फिल्म का रन टाइमः 3 घंटे 15 मिनट (करीब 20 से 30 मिनट तक विज्ञापन व इंटरवेल) यानी दर्शकों को साढ़े तीन से चार घंटे के करीब का समय निकालना होगा। सबसे ज्यादा 18 शो पीजेपी सिनेमा में चलेगा।
भरोसे पर खरे उतरे नितेश तिवारी
अभी तक हमने रामायण से जुड़े जितने क्लिप्स या प्रमोशन वीडियो देखे हैं, या कहें फिल्म की कास्ट अभी तक जहां भी प्रमोट करने पहुंची हैं वहां डायरेक्टर नितेश तिवारी का जिक्र बहुत कम हुआ है। मानो वो बैकसीट लिए बैठे थे, और रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश और नमित मल्होत्रा के हाथों इसका प्रचार सौंप चुके थे।इस कारण से उनकी ज्यादा बात नहीं हुई। लेकिन नितेश तिवारी ने सही समय पर अपनी काबिलियत दिखाई और हमारे भरोसे पर खरे उतरे।
जिन भी लोगों ने नितेश तिवारी की पुरानी फिल्में देखी होंगी, उन्हें पता होगा कि उनकी फिल्मों में इमोशन कितने तगड़े और असरदार होते हैं। रामायण भी विजुअल्स से ज्यादा भावों की कहानी है। इस फिल्म में आपको भगवान राम के वो सभी भाव असरदार लगेंगे, जो उन्होंने अपने जीवन में महसूस किए। अपने राज्य को छोड़कर सालों तक वन में रहने का आदेश, पिता के अंतिम पलों में उनके साथ ना होना, पत्नी सीता का हरण हो जाना- ये सभी चीजें डायरेक्टर नितेश तिवारी आपको महसूस कराते हैं। यही नहीं जटायु की मौत का भी आपको काफी दुख पहुंचता है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी भी शानदार है। कई मौकों पर ऐसा लगता नहीं है कि ये कोई इंडियन फिल्म है।
नमित मल्होत्रा और नितेश तिवारी ने इसे दुनिया के सामने पेश करने का फैसला किया, और फिल्म देखने के बाद वैसा लगता भी है।ये फिल्म का पहला हाल्फ काफी जबरदस्त है। रावण के राज से लेकर राम के वनवास जाने तक का सफर डायरेक्टर ने बड़ी खूबसूरती के साथ दर्शाया है। सेकेंड हाल्फ उसके मुकाबले थोड़ा हल्का महसूस होता है। कहानी में काफी कुछ दिखाने की कोशिश की गई, जिससे ये थोड़ी खिंची हुई सी लगने लगती है। लेकिन अंत आते-आते फिल्म खुद को संभाल भी लेती है।
क्या है बढ़िया, कहां रही कमी?
फिल्म की सबसे अच्छी और थोड़ी बुरी बात इसके विजुअल्स ही हैं। पूरी फिल्म ग्रीन स्क्रीन, स्टूडियो और स्टेज पर शूट की गई है,जो कभी-कभी थोड़ी फोटोजैनिक लगने लगती है। बुरे विजुअल्स में जितने भी दानव दिखाए गए हैं, वो थोड़े अनफिनिश्ड लगते हैं। ऐसा लगता है कि उनपर थोड़ा और काम बाकी था। लेकिन इसके अलावा जितने भी विजुअल्स दिखाए गए, चाहे वो लंका हो, मिथिला, आयोध्या, वन, देवलोक या पाताल लोक- सभी के विजुअल्स शानदार थे।
कहा जा सकता है कि ये रामायण का सबसे भव्य वर्जन है। अगर आपको उन दानवों के वीएफएक्स से कोई तकलीफ नहीं, तो पूरी फिल्म आपके लिए सही जाने वाली है क्योंकि वो चीज कहीं भी फिल्म का एक्सपीरियंस खराब नहीं करती। शायद यही वो बढ़िया बात भी है।आजकल की इंडियन फिल्मों के मुकाबले देखा जाए, तो नमित मल्होत्रा की रामायण के विजुअल्स काफी मजबूत और शानदार हैं। इसके अलावा फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर काफी जबरदस्त है। प्रोड्यूसर ने अपनी फिल्म के लिए हॉलीवुड के दिग्गज हांस जिमर और इंडियन लेजेंड ए आर रहमान को म्यूजिक कंपोज करने के लिए चुना, और उनका ये फैसला सही साबित हुआ है।
हांस जिमर और रहमान के दिए हुए बैकग्राउंड स्कोर काफी दमदार है, और सीन को काफी ऊपर उठाते हैं। खासतौर पर भगवान राम के वनवास जाने वाला सीन, उसमें दोनों ने साबित किया कि क्यों उन्हें ऑस्कर से सम्मानित किया गया। कई मौकों पर उनका म्यूजिक सीन में भारीपन लेकर आता है, जो फिल्म का एक्सपीरियंस और बढ़िया बनाता है। फिल्म में कई ऐसे मोमेंट्स हैं, जो आपको थिएटर से बाहर निकलकर याद रहने वाले हैं। यही चीज नितेश तिवारी की रामायण को खास बनाता है।







