पटनाः बिहार विधानपरिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतकर आए बंशीधर बज्रवासी और डॉक्टर राहुल राज ने शनिवार को बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली। दोनों ने ही अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू के उम्मीदवारों को हराया था।
बिहार के दोनों निर्दलीय MLC फँस गए हैं। बंशीधर बृजवासी सदस्यता लेने की बात से मुकर गए हैं। मुझसे बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमने सिर्फ समर्थन दिया है। भाजपा भी यही कहेगी। लेकिन सदस्यता की पर्ची वाला वीडियो है, बयान है।
हड़बड़ी में गड़बड़ी हो गई है। सदस्यता खतरे में है। https://t.co/z670HT5mHM— Somu Anand (@SomuAnand_) October 31, 2026
बिहार विधानपरिषद की आठ सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी ने दो सीटों पर जीत हासिल की थी। विधानपरिषद में अपने सीटें बढ़ाने के मकसद से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर शनिवार को बिहार बीजेपी प्रभारी हरीश द्विवेदी की मौजूदगी में बंशीधर बज्रवासी और डॉक्टर राहुल राज ने बीजेपी की सदस्यता ग्रहण कर ली। तरस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दल-विरोधी कानून के तहत दोनों सदस्यों की विधानपरिषद सदस्यता समाप्त करने की मांग की।
बिहार विधान परिषद के हालिया चुनाव में तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से श्री बंशीधर ब्रजवासी तथा सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. राहुल राज स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए हैं।
निर्वाचन के पश्चात दोनों नवनिर्वाचित विधान पार्षदों ने भारतीय जनता पार्टी की औपचारिक सदस्यता ग्रहण कर ली है। इस प्रकार स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होने का उनका कृत्य भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची में वर्णित दल-बदल विरोधी कानून के स्पष्ट प्रावधानों के अंतर्गत आता है।
1. इस संदर्भ में संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) के प्रावधान के अनुसार, यदि कोई सदस्य किसी राजनीतिक दल द्वारा उम्मीदवार घोषित किए बिना अर्थात स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होता है और निर्वाचन के पश्चात किसी राजनीतिक दल में शामिल हो जाता है, तो वह सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य हो जाएगा।
यह प्रावधान स्वतंत्र रूप से निर्वाचित सदस्यों के राजनीतिक दल में शामिल होने के संबंध में स्पष्ट संवैधानिक निषेध निर्धारित करता है।
2. संविधान का अनुच्छेद 191(2) के अनुसार, दसवीं अनुसूची के अंतर्गत अयोग्य घोषित किया गया व्यक्ति राज्य के विधानमंडल का सदस्य बने रहने के लिए पात्र नहीं होगा।
3. दसवीं अनुसूची के पैरा 6(1) के प्रावधान के अंतर्गत दल-बदल के आधार पर सदस्य की अयोग्यता से संबंधित प्रश्न पर निर्णय लेने का अधिकार संबंधित सदन के सभापति को प्राप्त है।
उपरोक्त तथ्यों एवं संवैधानिक प्रावधानों के आलोक में श्री बंशीधर ब्रजवासी एवं डॉ. राहुल राज को स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित होने के पश्चात भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के कारण संविधान की दसवीं अनुसूची के पैरा 2(2) के अंतर्गत अयोग्य घोषित होना तय है।
संविधान के अनुसार दोनों सदस्यों के विरुद्ध दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता संबंधी कार्यवाही बिना अनावश्यक विलंब के तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए।
भारतीय जनता पार्टी ने संविधान का मजाक बना दिया है। बीजेपी के विधायक को कोर्ट से सजा होती तो स्पीकर उसकी सदस्यता रद्द नहीं करते है। साहेबगंज के विधायक राजू सिंह इसका उदाहरण है। जब विपक्षी दलों के विधायकों को जानवरों की तरह बोली लगाकर अपने पाले में बैठाते है तब भी अनेक बार लिखित में देने पर भी उनकी सदस्यता रद्द नहीं करते है और अब निर्दलीय को बीजेपी में शामिल करने पर वही लोग मनमर्जी से कानून को हांक रहे है। बीजेपी-RSS संविधान और लोकतंत्र की सबसे बड़ी दुश्मन है।
#Bihar #RJD #TejashwiYadav— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) October 31, 2026
विधानपरिषद की सदस्तया पर संकटता मंडराता देख अब दोनों उम्मीदवार बीजेपी ज्वाइन करने की बात से इंकार कर रहे है। वीडियो जारी कर दोनों ही नवनिर्वाचित सदस्य सिर्फ बीजेपी को समर्थन देने की बात कह रहे है। जबकि दोनों नेताओं के बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सदस्यता ग्रहण करने की तस्वीर और वीडियो मीडिया सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है।
बंशीधर बृजवासी में पहले कहा की हां मैं आज भारतीय जनता पार्टी का सदस्य ले लिया लेकिन अब अपने बातों से पलट गए हैं मैं भाजपा का सदस्यता नहीं लिया हूं। https://t.co/iBIGFpoUfh
— Sadan Singh (@SadanJee) October 31, 2026
JDU उम्मीदवार को हराया था
बिहार विधान परिषद के तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार बंशीधर बृजवासी ने एनडीए समर्थित जेडीयू उम्मीदवार अभिषेक झा को चुनाव में पराजित किया है। इस निर्वाचन क्षेत्र में मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिले शामिल हैं।
बृजवासी शिक्षक नेता के रूप में पहचान रखते हैं और इससे पहले भी इस सीट का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। चुनाव में जेडीयू ने अभिषेक झा को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन बृजवासी ने निर्दलीय मैदान में उतरकर जीत हासिल की। बंशीधर बृजवासी को 31,832 मत और अभिषेक झा को 22,685 वोट मिले थे।जीत का अंतर 9,147 वोट का रहा।
राहुल राज ने सारण सीट पर जमाया था कब्जा
डॉ. राहुल राज ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत दर्ज की है। उन्होंने एनडीए समर्थित जेडीयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर को 1,815 वोटों से हराया। अंतिम परिणाम के मुताबिक राहुल राज को 4,965 वोट मिले, जबकि आनंद पुष्कर को 3,150 वोट प्राप्त हुए। राहुल राज पहले बीजेपी में प्रदेश स्तर पर पदाधिकारी रह चुके हैं। राहुल राज प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हैं। पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया था। इसके बाद बीजेपी ने उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था।







